एटा। गणतंत्र दिवस पर सुबह से शाम तक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। हालांकि इस बार कोविड संक्रमण के मद्देनजर सतर्कता बरतने पर जोर रहेगा। 26 जनवरी को कलक्ट्रेट, पुलिस लाइन सहित सभी सरकारी कार्यालयों पर ध्वजारोहण किया जाएगा। एडीएम प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि सुबह 8.30 बजे सभी राजकीय भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्रगान का गायन किया जाएगा।
सुबह 9.30 बजे पुलिस लाइन में पुलिस परेड का आयोजन व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। शहीदों की विधवाओं को सम्मानित किया जाएगा। 10 बजे सभी शिक्षण संस्थाओं में राष्ट्र ध्वज फहराया जाएगा। नाटक, विचार गोष्ठी तथा निबंध लेखन, खेलकूद, साइकिल रेस, दंगल आदि का भी आयोजन किया जाएगा। विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। सभी शासकीय कार्यालय तंबाकू मुक्त जोन घोषित किए जाएंगे।
चौकीदार से लेकर थानेदार तक होंगे पुरस्कृत
पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस के मौके पर चौकीदार से लेकर थानेदारों तक को सम्मानित किया जाएगा। एसएसपी उदय शंकर सिंह ने बताया कि ऐसे 12 लोगों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने बेहतर ढंग से सेवा का निर्वहन करते हुए सराहनीय कार्य किए हैं।
1. निशुल्क चिकित्सा शिविर से कर रहे जनसेवा
सामाजिक संस्था लक्ष्य के प्रमुख सलाहकार सत्यप्रवीन गुप्ता निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाकर जनसेवा कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके मुताबिक वह अब तक करीब 100 शिविर लगवा चुके हैं। वह कहते हैं कि बड़ी संख्या में ऐसे गरीब लोग हैं जो आर्थिक विषमताओं के चलते छोटी-छोटी बीमारियों तक का इलाज नहीं करा पाते हैं। इन शिविरों में ऐसे ही मरीजों को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास रहता है।
2. एक संकल्प : कपड़ों के अभाव में न ठिठुरे कोई जरूरतमंद
सामाजिक संस्था भारत विकास परिषद में विभिन्न पदों पर रहे विशाल अग्रवाल का संकल्प है कि कपड़ों के अभाव में कोई जरूरतमंद न ठिठुरे। सर्द मौसम में वह गरीब, जरूरतमंदों को कपड़े बांटते नजर आ जाते हैं। वह कहते हैं कि गरीबी के चलते सबसे अधिक समस्या ईंट भट्ठों और मलिन बस्तियों में देखने को मिलती है। ऐसे स्थानों पर बच्चे ठंड से परेशान नजर आते हैं। अक्सर इन स्थानों पर गर्म कपड़े मुहैया कराते हैं।
3. शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे कोई बच्चा
शिक्षक अजय राजपूत का शौक कहें या सपना, हर गांव में एक पुस्तकालय स्थापित करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उनकी कोशिश है कि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। कहते हैं कि गरीबी के चलते अक्सर कई परिवारों के बच्चों को पुस्तकें नहीं मिल पातीं और वह पढ़ाई में पिछड़ जाते हैं। पुस्तकालय का उद्देश्य गांव में ही निशुल्क रूप से पुस्तकें उपलब्ध कराना है।
4. राष्ट्र ध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर कर रहे संघर्ष
राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर शहर के लोधीनगर में रहने वाले करीब 42 वर्षीय शिवकुमार लंबे समय से संघर्ष करते आ रहे हैं। 2013 में उनकी मांग पर गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर जनसामान्य के लिए भारतीय झंडा संहिता अपलोड की गई। 2016 में राष्ट्रीय प्रतीक में सिंह स्तंभ के नीचे सत्यमेव जयते न लिखे जाने पर इसके अपूर्ण होने की बात लिखी। इसी वर्ष गृह मंत्रालय ने इस संबंध में सही वाक्य और पूर्ण संप्रतीक के प्रयोग को लेकर शासनादेश जारी किया।