कचहरी रोड पर बच्चे व मां को बारिश से बचाने के लिए छाता लगाकर गुजरता युवक। संवाद
एटा। जिले में शनिवार को मौसम का मिजाज दिनभर बदलता रहा। सुबह घने काले बादल छाने से लोगों को बारिश की उम्मीद थी। सुबह और दोपहर तक हवा नहीं चलने से उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान किया।
दोपहर बाद बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक हुई जोरदार बारिश ने उमस से राहत दिलाई वहीं सड़कों पर पानी भर गया। बच्चों ने बारिश का आनंद लिया। शाम को फिर आसमान में काली घटाएं छा गईं। लोगों ने फिर से बारिश की उम्मीद जताई है। मौसम वैज्ञानिक एसके सिंह ने बताया कि शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग का कहना है कि मानसून फिलहाल सक्रिय है। अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
इससे तापमान में अधिक वृद्धि की संभावना नहीं है, लेकिन नमी अधिक होने पर उमस परेशान कर सकती है। बारिश से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। खरीफ फसलों की खेती कर रहे किसानों का कहना है कि यह वर्षा फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। धान, मक्का, बाजरा, ज्वार जैसी खरीफ की फसलों के लिए यह लाभदायक है। जिन किसानों ने हाल ही में फसल की बुवाई की है उन्हें सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा। किसान भूरे सिंह ने बताया कि रुक-रुककर हो रही बारिश खेती के लिए बेहद लाभकारी है। इससे खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहती है और फसल की जड़ों का बेहतर विकास होता है। यदि इसी तरह समय-समय पर वर्षा होती रही तो उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और किसानों की लागत भी कम होगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह का कहना है कि वर्तमान मौसम खरीफ फसलों के लिए अनुकूल है। समय पर हो रही वर्षा से मिट्टी में नमी का संतुलन बना रहता है और बेहतर पैदावार की संभावना बढ़ जाती है।