एटा। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा ढेर होता नजर आ रहा है। सरकार ने मक्का के लिए 2225 रुपये क्विंटल का मूल्य निर्धारित किया है। जिले में सात खरीद केंद्र बनाए गए हैं लेकिन पोर्टल पर पंजीकरण ही नहीं हो रहे। मजबूरी में किसान करीब 325 रुपये प्रति क्विंटल घाटे में आढ़तों पर मक्का बेच रहा है।
जिला उत्पादन मंडी समिति में इन दिनों मक्का की बड़े पैमाने पर आवक हो रही है। इस समय मंडी में मक्का का भाव 1900 से लेकर 2000 रुपये क्विंटल तक है। जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर 2225 रुपये प्रति क्विंटल का भाव है। ऐसे में किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर मक्का बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी बताया जाता है लेकिन पोर्टल पर यह पंजीकरण हो ही नहीं रहा है। मौसम का कोई भरोसा नहीं है कब बारिश हो जाए। इसलिए मक्का को मंडी लाकर घाटे में ही आढ़तियों काे बेच रहे हैं।
आढ़ती झब्बू गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष मक्का की बंपर पैदावार होने के कारण मंडी में आवक तेज है। किसान अब घर पर मक्का नहीं रोक रहा है। भाव की बात की जाए तो मक्का की गुणवत्ता के हिसाब से उसकी खरीद की जा रही है। बारिश में भीगी मक्का कुछ दागी हो चुकी है, जिसका भाव 1900 से लेकर 1940 रुपये तक है। अच्छी मक्का का भाव 2000 रुपये प्रति कुंतल तक है। मंडी सचिव कपिल कुमार गुप्ता ने बताया कि इस बार मक्का की बंपर पैदावार के कारण आवक बढ़ी है। जून 2024 में मंडी में मक्का की खरीद 2.52 लाख क्विंटल हुई थी। इस बार जून समाप्त होने से पहले ही 2.55 लाख क्विंटल खरीद हो चुकी है।