तीन महीने पहले तक आम आदमी थाली से महंगाई के तड़के कारण गायब हो चुकी दालें अब फिर से स्वाद बढ़ाने लगी हैं। दाल की कीमतों में पिछले तीन सप्ताह में रिकार्ड गिरावट दर्ज हुई है। व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में दाल की कीमतों में और भी गिरावट संभव है। उधर दालों की दरों में कीमत के चलते आवक के साथ खपत में भी काफी सुधार देखा जा रहा है।
पिछले तीन महीने के आंकड़ों पर गौर करें तो दाल के दामों पचास प्रतिशत तक गिरावट दर्ज हुई है। किराना व्यापारी राकेश जैन और विष्णु वार्ष्णेय की माने तो हर साल महंगाई और मंदी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार दाल की कीमतों में गिरावट ने नया रिकार्ड बनाया है। व्यापारियों की माने तो दाल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी ही नहीं कारोबारी भी हैरान थे। लेकिन अब दाल की कीमतों में हुई रिकार्ड गिरावट से मंडी मे आवक बढ़ने के साथ खपत में बढ़ोत्तरी दर्ज हो रही है।
तीन महीने में बाजार में दालों की स्थिति
दालों के नाम पहल कीमत अब कीमत
अरहर 180 090
मसूर 100 080
चना 160 075
मटर 050 035
उड़द (धुली) 160 090
उड़द (छिलका) 100 070
मूंग (धुली) 120 070
मूंग (छिलका) 140 080
नोट-दाल के रेट रुपये प्रति किग्रा हैं।
गेहूं का आटा चार रुपये किलो सस्ता
व्यापारियों ने बताया कि दिसंबर में गेहूं के आटे का भाव 26 रुपये प्रति किग्रा तक पहुंच गया था, लेकिन फरवरी आते-आते दाम गिरकर 22 रुपये प्रति किग्रा हो गया है। महंगाई कम होने से आम आदमी ने राहत की सांस ली है।