एटा। सुबह के समय हुई रिमझिम बारिश से शहर की सूरत बिगड़ गई। कई मार्गों पर दलदल जैसे हालात हो गए हैं। वहीं, इस बारिश से खेती पर मिलाजुला असर पड़ा है। गेहूं की फसल के लिए अमृत समान बताई जा रही है। जबकि सरसों की फसल में माऊ का रोग लगने की आशंका बढ़ गई है। वहीं आलू की खोदाई पर असर पड़ेगा।
शनिवार सुबह हुई बारिश के बाद हाथी गेट बाजार में पानी भर गया। इससे लोगों को रास्ता निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, ठंडी सड़क स्थित नन्नूमल चौराहा पर कीचड़ हो गई। लोग वहां पर फिसलते नजर आए। मारहरा दरवाजा स्थित नगला पोता मोहल्ले में नालियां चौक होने की वजह से गलियों में जलभराव हो गया। शांतिनगर, किदवई नगर आदि इलाकों में दलदल जैसी स्थिति बन गई।
पारा बढ़ा, लेकिन तेज हवाओं से आफत
दोपहर में कुछ समय के लिए हल्की धूप निकलने से लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि न्यूनतम तापमान बीते दिन की तुलना में एक डिग्री बढ़कर 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। लेकिन दिन भर चली तेज हवाएं लोगों के लिए आफत का सबब बन रहीं। ठंडी हवाएं लोगों को कड़ाके की सर्दी का अहसास कराती रहीं।
बादल छाने से सरसों में लग सकती हैं माऊ:
वरिष्ठ प्राविधिक कृषि रक्षा त्रिबल सिंह ने बताया कि शनिवार को ज्यादा बारिश नहीं हुई है। यह ज्यादातर फसलों के लिए फायदेमंद हैं। हालांकि बारिश होने की वजह से आलू की खोदाई देरी से होगी। वहीं अगर आसमान में बादल छाए रहे तो सरसों की फसल में माऊ का रोग लगने की संभावना बढ़ जाएगी। गेहूं की फसल के लिए यह बारिश अमृत समान है।
माऊ के रोग से ऐसे बचे:
कृषि विभाग ने सरसों की फसल में माऊ का रोग लगने से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। सरसों की फसल में माऊ के रोग से बचने के लिए किसान एजाडिरेक्टिन 0.15 को 2.5 लीटर मात्रा में 500 से 600 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। वहीं नीम के तेल को पानी में घोलकर छिड़काव कर माऊ के रोग से बचा जा सकता है।
बोले किसान...
शनिवार को हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए अमृत समान है। फिलहाल फसल में पानी लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- जगदीश, मारहरा
बारिश होने के बाद अगर धूप नहीं निकली तो सरसों की फसल में माऊ का रोग लगने का भय सता रहा है। 10 बीघा खेत में खड़ी फसल प्रभावित हो सकती है।
- प्यारेलाल, नगला परसी
शनिवार को हुई बारिश ज्यादातर किसानों के लिए फायदेमंद है। गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है। सरसों की फसल पर थोड़ी चिंता हो सकती है।
- एमपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी