एटा। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच सोमवार दोपहर से शुरू हुई तेज बारिश रातभर रुक-रुक कर होती रही। इससे उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। इस मानसूनी बारिश ने धान उत्पादक किसानों के चेहरे खिला दिए और सिंचाई के खर्च को कम कर दिया है। वहीं दूसरी ओर जलभराव के कारण सब्जी की खेती करने वाले किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
रातभर हुई बारिश को धान उत्पादक किसानों के लिए काफी फायदेमंद माना जा रहा है। धान की फसल को इस समय पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। बारिश होने से किसानों को खेतों की सिंचाई पर होने वाले खर्च से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
जैथरा के किसान राजेश कुमार का कहना है कि यदि इसी तरह रुक-रुककर बारिश होती रही तो धान की फसल को अच्छा फायदा होगा।
किसान सूरज सहाय ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बारिश न होने के कारण गर्मी और उमस से लोग परेशान थे।
खेतों में भी नमी कम होने लगी थी। बारिश होने से धान की फसल को राहत मिली है। मंगलवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहने से मौसम सुहाना रहा और गर्मी से भी कुछ राहत मिली।
दूसरी ओर सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए बारिश चिंता का कारण बन गई है। खेतों में पानी भरने से सब्जियों की जड़ों में सड़न होने और फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों को पानी की निकासी के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।