एटा। जिले में 30 मार्च से शुरू हुई क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद बारदाने की कमी से सुस्त पड़ी है। जिले में 78 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं और 3.80 लाख क्विंटल खरीद का लक्ष्य रखा गया है। जिले में अब तक केवल 7000 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है।
क्रय केंद्रों की स्थिति यह है कि कई स्थानों पर ताले लटके हुए हैं तो कहीं कर्मचारी बारदाना जुटाने की कवायद में लगे हैं। ऐसे में खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। ऐसे में किसान अपनी फसल लेकर क्रय केंद्रों तक पहुंच रहे हैं, लेकिन बारदाना न होने की बात कहकर उन्हें लौटाया जा है, जिससे उनका धन और श्रम दोनों बर्बाद हो रहा है।
कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है। शनिवार को जलेसर, मिरहची, निधौली कलां क्षेत्र में आसपास के केंद्रों पर ताले लटके मिले। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर खरीद का दावा किया जा रहा है लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह नदारद हैं।
जलेसर के किसान रुकुमपाल ने बताया कि वह गेहूं लेकर मंडी पहुंचे लेकिन क्रय केंद्र बंद मिला। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो मजबूरन उन्हें अपनी फसल व्यापारियों को कम कीमत पर बेचनी पड़ेगी। किसानों का यह भी कहना है कि एक ओर मौसम की मार और लागत बढ़ने से पहले ही वे परेशान हैं वहीं अब खरीद व्यवस्था की खामियां उनकी मुश्किलें और बढ़ा रही हैं। गेहूं को लंबे समय तक घर या खेत पर रखना भी उनके लिए जोखिम भरा है क्योंकि खराब मौसम या अन्य कारणों से नुकसान की आशंका बनी रहती है। वहीं जिम्मेदार अधिकारी बारदाने की कमी को जल्द दूर करने का दावा कर रहे हैं।