एटा। इसी वर्ष 12वीं परीक्षा में अच्छे अंकों से पास करने वाली कासगंज की प्रियंका (20) डॉक्टर बनना चाहती थी। मगर मां के साथ भोले बाबा के सत्संग में आने की जिद उसको मौत के मुंह तक खींच लाई। पोस्टमार्टम हाउस पर मां गुड्डो देवी रोते-रोते बदहवाश हो गईं और बेटी को बुलाने लगीं। किसी तरह से साथ में आई महिलाओं ने उनको संभालने का प्रयास किया।
गांव बहटा थाना गंजडुंडवारा जिला कासगंज निवासी गुड्डो देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। बार-बार पछाड़ें खाकर गिर रहीं थीं। साथ आई महिलाएं संभालने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन वह रोते हुए बेटी को पुकार रही थी। गुड्डो देवी रो रोकर कह रही थी कि बेटी प्रियंका ने इसी साल अच्छे नंबरों से इंटर की परीक्षा पास की थी। वह डॉक्टर बनना चाहती थी। मगर मौत उसे भोले बाबा के सत्संग में खींच लाई। बताया कि मैंने उसको बहुत मना किया कि अगली बार चलना। इस बार घर पर ही रहो, लेकिन वह नहीं मानी।
हमें क्या पता था कि उसको साथ लाना इतना भारी पड़ेगा। यह कहकर गुड्डो देवी बेहोश हो गई। साथ में ही गई पड़ोसन पूजा ने बताया प्रियंका पढ़ने में काफी तेज थी। हाईस्कूल में भी उसके अच्छे नंबर आए थे। प्रियंका हमसे जब भी बात करती, कहती थी चाची में डॉक्टर बनूंगी। उसकी यह तमन्ना एक ही पल में उसकी मौत के साथ दफन हो गई। पूजा ने बताया कि सत्संग के बाद अचानक हुई भगदड़ के चलते इतने लोगों की मौत हो गई। हम लोग किसी तरह से बचकर निकल आए।