फर्रुखाबाद न चलाकर अब एटा से मैनपुरी तक वाया कुरावली बसें चलाई जा रही हैं। स्टैंड के सामने रोडवेज बसों के बीच में ही इनको चालक खड़ा कर लेते हैं। रोडवेज से मिलते रंग को देख यात्री बिना पूछे ही इनमें बैठ जाते हैं। रास्ते में जब टिकट मिलता है, तो पता लगता है कि वह रोडवेज में नहीं बल्कि निजी बस में बैठे हुए हैं।
इन बसों में यात्रा करना हो सकता है खतरनाक
यात्री महेश कुमार ने बताया कि रोडवेज के रंग से मिलती-जुलती इन बसों में अक्सर धोखा खाकर यात्री बैठ जाते हैं। लेकिन इनमें यात्रा करना खतरनाक साबित हो सकता है। इनके कागज व बीमा आदि के बारे में यात्रियों को पता नहीं होता। जब कोई घटना हो जाती है तो पता चलता है की गाड़ी के कागज ही नहीं थे। वहीं रोडवेज बस में यात्रा करने वाले प्रत्येक यात्री का बीमा हो जाता है।
मामला संज्ञान में नहीं है, जानकारी कराई जाएगी। कई रूट पर रोडवेज से मिलते-जुलते रंग वाली बसों को बंद करा दिया गया है, इनको भी बंद कराया जाएगा। ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। -अजयपाल सिंह, बस स्टेशन प्रभारी