कसबे के मुख्य मार्ग पर रेलवे फाटक होने के कारण सालों से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। तहसील मुख्यालय बनने के बाद कसबे में लोगों का आना जाना और वाहनों का दबाव भी बड़ा है। ऐसी स्थिति में हर समय रेलवे फाटक पर जाम के हालात बने रहते हैं। लोगों की ओवर ब्रिज की मांग को रेल प्रशासन अनसुना कर रहा है।
वर्ष 2008 में कासगंज जिले के गठन के कुछ समय के बाद सहावर में तहसील बनाई गई। तहसील बनाने के बाद से ही तहसील मुख्यालय का कामकाज कसबे में हो रहा है। कसबे में तहसील तो बन गई, लेकिन आवागमन के साधन सुचारु नहीं हो सके। यहां रेलवे लाइन से कासगंज-कानपुर-मथुरा ट्रैक की ट्रेन गुजरती हैं। यात्री गाड़ियों के अतिरिक्त मालगाड़ियां भी ट्रैक से गुजरती हैं। दिन के समय में काफी ट्रेनों के गुजरने से यह फाटक काफी देर तक बंद रहता है, जिससे कासगंज, एटा, गंजडुंडवारा की ओर आने जाने वाला ट्रैफिक और यात्री फाटक पर फंसे रहते हैं। लोग ओवरब्रिज की मांग काफी समय से कर रहे हैं, लेकिन इस मांग को अनसुना किया जा रहा है।
नगर पंचायत के अध्यक्ष कौशर हमीद का कहना है कि रेलवे लाइन के फाटक पर ओवरब्रिज बनाया जाना आवश्यक है। रेल प्रशासन को इस ओर ध्यान चाहिए। नगर पंचायत रेलवे प्रशासन से ओवरब्रिज की मांग करती है।
व्यापारी नेता सलीम कुरैशी का कहना है कि कसबे में रेलवे फाटक के कारण लोगों को काफी दिक्कत होती है। यहां ओवर ब्रिज का बनाया जाना आवश्यक है। कासगंज-कानपुर रेल मार्ग पर ट्रेन बढ़ रही हैं। यदि शीघ्र ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हुआ तो समस्याएं जनता को उठानी होंगी।