एटा। करीब 11 साल पुराने आबकारी अधिनियम के एक मामले में पुलिस ने यूरिया से निर्मित शराब बता दो लोगों को जेल भेजा। अदालतों में सुनवाई के दौरान जब शराब की जांच कराई गई तो यह सही मिली। दोनों आरोपियों को न्यायालय ने दोषमुक्त किया है।
कोतवाली देहात पुलिस ने 2010 में कंचन नगला मार्ग पर ईंट भट्ठे के पीछे बने एक फार्महाउस से 20 पेटी देसी शराब बरामद की थी। मौके से हिम्मतपुर निवासी विश्वप्रताप सिंह और अवनीश यादव को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 2012 में इनके विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दायर किया। बताया कि शराब यूरिया से बनाई गई थी, जो जहरीली होती है। न्यायालय ने शराब के सैंपल जांच के लिए भेजे तो इसमें इथाइल अल्कोहल सही मात्रा में पाया गया। इसमें मिथाइल अल्कोहल या यूरिया नहीं पाया गया। इस पर न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश रेप एवं पॉक्सो कैलाश कुमार ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
सीमित संख्या में अधिवक्ताओं को मिला प्रवेश
एटा। वर्चुअल सुनवाई में तकनीकी दिक्कतों के चलते आ रहे व्यवधान को देखते हुए शुक्रवार को अदालत में सीमित संख्या में अधिवक्ताओं को प्रवेश दिया गया। जहां अधिवक्ताओं की उपस्थिति में नए दावों को सुना गया। इस दौरान वादकारियों व अन्य किसी को प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं पुराने मुकदमों में अगली तारीखें लगाई गईं। संवाद