एटा। शासन ने गरीबों के लिए पीएम आवास योजना की शुरूआत की थी लेकिन सकीट नगर पंचायत में आठ पात्र दो वर्ष से डूडा कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें अब तक योजना का लाभ नहीं मिला है। जबकि कस्बे में पीएम आवास के अपात्र योजना का लाभ ले रहे हैं।
सकीट नगर पंचायत के कुछ लोगों ने अपात्रों को आवास देने का आरोप लगाया था। इस मामले की शिकायत सीडीओ से की गई थी। सीडीओ ने जांच अतिरिक्त एसडीएम अबुल कलाम से कराई थी। एसडीएम ने जांच में पाया कि शिकायत सही है और गलत लोगों को पात्रता की सूची में शामिल कर लिया गया है।
एसडीएम ने गिरजेश, इरशाद, इनायत, जाकिर, बालकराम, अनिल, सुल्तान, बीना देवी और शिवशंकर सहित अन्य दो लोगों के पीएम आवास की जांच की थी। जांच में नौ लाभार्थी को पात्र माना गया वहीं दो अपात्रों को नोटिस जारी किया गया था।
पात्रों में से शिव शंकर के खाते में धनराशि डाल दी गई। वहीं अन्य आठ पात्र दो वर्ष से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें अब तक योजना का लाभ नहीं मिला है, इससे वह परेशान हैं। कार्यालय आए सुल्तान व नसीर ने बताया कि कार्यालय द्वारा जांच की गई थी। जहां उन्हें पात्र माना गया था। उनके पास रहने को घर नहीं है। इसके बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आंकड़ों पर एक नजर
नगर पंचायत को मिले आवास- 335
जांच में योजना के पात्र मिले- 251
पहली किस्त से वंचित पात्र - 181
किसी भी अपात्र व्यक्ति को पीएम आवास का आवंटन नहीं किया गया है। कस्बे के अपात्रों की सूची पहले ही कार्यालय में जमा की जा चुकी है।
गौतम सर्राफ, नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि
सकीट में अपात्रों को आवास आवंटन की शिकायत मिली है, जांच चल रही है। एसडीएम द्वारा जांच की जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
अबुल कलाम, प्रभारी ईओ सकीट नगर पंचायत