जलेसर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खाली पड़ा चिकित्सक कक्ष। संवाद
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जलेसर। स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती पर सरकार और विभाग जोर दे रहा है, लेकिन जलेसर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भगवान भरोसे चल रहा है। तहसील स्तरीय केंद्र होने के बावजूद अस्पताल में न तो विशेषज्ञ चिकित्सक हैं और न ही जांचें हो पा रही हैं। जांच मशीन ही खराब पड़ी है।
अस्पताल में आंख, हड्डी, त्वचा आदि रोगों से संबंधित कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात नहीं है। मरीज इलाज की आस में पहुंचते हैं। घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन इधर-उधर भटक कर लौट जाते हैं। केंद्र पर नौ चिकित्सकों के पद हैं, लेकिन स्थायी और संविदा मिलाकर तैनाती कुल चार चिकित्सकों की ही है। रक्त की विभिन्न जांचों के लिए भेजी गई सीबीसी मशीन करीब पांच माह से खराब पड़ी हुई है। विभागीय अधिकारी इसे सही नहीं करा सके हैं।
सीएचसी में है गंदगी का अंबार
गंदगी के चलते रोगों की चपेट में आने वाले मरीजों को उपचार देने वाला नगर का एक मात्र सरकारी अस्पताल स्वयं ही गंदगी से ग्रस्त है। सीएचसी परिसर मेें अक्सर गंदगी दिखाई देती है। जिससे उपचार को आने वाले मरीज भी आशंकित रहते हैं।
इनकी खलती है कमी
स्वास्थ्य केंद्र पर एक्स-रे मशीन है लेकिन टेक्नीशियन के अभाव में एक्स-रे नहीं होते हैं। नेत्र सहायक, हड्डी रोग विशेषज्ञ, त्वचा विशेषज्ञ नहीं हैं।