पंचायत चुनावों के लिए वाहनों के अधिग्रहण हो जाने से लोगों को काफी परेशानी हुई। उन्हें वाहन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। इससे उन्हें आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
परिवहन विभाग की सेवाएं सभी मार्गों पर नहीं हैं। कुछ मार्ग तो ऐसे हैं जिन पर डग्गामार वाहन के माध्यम से ही लोग आवागमन करते हैं। तो कई मार्गों पर निजी बस लोगों का सहारा बनती है। पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए वाहनों के अधिग्रहण के चलते मार्ग पर वाहनों की संख्या काफी कम रह गई। इससे लोगों के सामने वाहनों का संकट हो गया। बस स्टेंड, चौराहों आदि पर तमाम लोग वाहनों की प्रतीक्षा करते देखे गए। लोगों को काफी मुश्किल से वाहन मिल पाए। जिन मार्गों पर रोडवेज की सेवाएं हैं वहां तो यात्रियों को अधिक दिक्कतें नहीं हुई, लेकिन जिन मार्गों पर निजी बसें चलती हैं उन मार्गों के यात्री काफी परेशान हुए। घंटो इंतजार के बाद ही वे अपने गंतव्य को जा सके।