उत्तर प्रदेश के एटा में मां-बाप ने खुद के बेटे को आग लगाकर मार डाला। इसमें बड़े बेटे समेत तीन लोगों ने सहयोग किया। अदालत के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना वर्ष 2011 की है। 12 साल बाद अदालत के आदेश पर मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मामला निधौली कलां थाना क्षेत्र के अहरमई गांव का है। गांव निवासी गिरीश ने बताया कि 9 जून 2011 को उसके भतीजे अजय को घटना का शिकार बनाया गया था। अजय के पिता राजेंद्र, मां सत्यवती व भाई सुनील कुमार समेत पांच लोगों ने उसकी पिटाई की। घर में घसीटते हुए सुनील ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। इससे वह बुरी तरह से झुलस गया। एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
चिड़चिड़े स्वभाव का था अजय- थाना प्रभारी
बताया कि रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने गए। लेकिन स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। अधिकारियों से भी कोई न्याय नहीं मिला। इसके बाद अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। अदालत के आदेश पर ही मुकदमा दर्ज हो सका है। वहीं थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि अजय चिड़चिड़े स्वभाव का था। उसने ही खुद को आग लगाई थी। हालांकि अदालत के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।