एटा। पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन लाने के लिए बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों का भी सहयोग लिया जाएगा। दोनों ही तरह के विद्यालयों में बाल वन की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों की भी जिम्मेदारी निर्धारित की गई है, जो युवा वन स्थापित कराएंगे।
बीएसए संजय सिंह ने बताया कि पौधारोपण को वृहद स्तर तक पहुंचाने के लिए विद्यालयों को अलग से जिम्मेदारियां दी गई हैं। बेसिक शिक्षा परिषद और माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालय परिसरों में बाल वन स्थापित किए जाएंगे। ताकि विद्यालयों में हरियाली के अलावा पर्यावरण को संतुलित रखा जा सके।
अधिक से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में घने व वन प्रकार के पौधे लगाए जाएंगे। इसको बाल वन नाम दिया गया है। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक मिथलेश कुमार ने बताया कि शासन की यह बहुत अच्छी पहल है। इससे विद्यालय हरे-भरे बनेंगे और पर्यावरण व जलवायु में भी परिवर्तन आएगा।
माध्यमिक के 550 से अधिक विद्यालय हैं, इन सभी के परिसरों में बाल वन की स्थापना की जाएगी। बताया कि शासन की ओर से बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षण संस्थानों को एक ही पत्र भेजा गया है। इसमें बाल वन और युवा बन स्थापित करने के निर्देश मिले हैं।