एटा में आदेशों के बाद भी जनपदीय गैस उपभोक्ता नहीं चेत रहे। वे सब्सिडी प्रपत्र पूरे नहीं कर रहे। जनपद के सवा लाख से अधिक उपभोक्ताओं में से अभी तक आधों ने भी वांछित प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
उपभोक्ताओं की उदासीनता कहें या संबंधित एजेंसियों का असहयोग। जनपद के आधे गैस उपभोक्ता भी अभी तक ऑनलाइन सब्सिडी के हकदार नहीं बन सके हैं। महीनों बाद भी यह लोग वांछित औपचारिकताएं पूरी नहीं कर पा रहे। अधिकांश का आरोप है कि आधार कार्ड बनवाने के लिए वे चक्कर काट रहे हैं। तो वहीं कुछ का आरोप है कि बैंकें और गैस एजेंसियों से भी वांछित सहयोग नहीं मिल रहा। रतीराम सिंह का आरोप है कि वे काफी समय पूर्व संबंधित फार्म बैंक में जमा कर चुके हैं। बावजूद इसके उनका नाम अभी तक लाभार्थी सूची में नहीं है।
एक गैस एजेंसी के संचालक सत्यदेव फौजी ने बताया कि एजेंसी पर पंजीकृत 23,886 सक्रिय उपभोक्ताओं में से अभी तक लगभग 13 हजार ने ही औपचारिकता पूरी की है। लगभग सात हजार आधार कार्ड धारक एवं शेष नॉन आधार कार्ड वाले हैं। इनमें से आठ हजार उपभोक्ताओं की ही सीटीसी (कस्टमर ट्रांसफर कंप्लाइंस) हो सकी है। निर्धारित अवधि तक कार्रवाई न होने पर उपभोक्ता सब्सिडी लाभ से वंचित हो सकते हैं।
जनपद में कुल गैस एजेंसी - 14
एटा शहर - 06
अवागढ़ - 02
जलेसर - 01
मारहरा - 01
धुमरी - 01
अलीगंज - 01
सराय अगहत - 01
राजा का रामपुर - 01
बुकिंग पर ही खाते में आया धन
नियमानुसार सब्सिडी पंजीकरण करा चुके उपभोक्ताओं को शासन का तोहफा मिलने लगा है। बुकिंग कराते ही सैकड़ों के खातों में 568 रुपये पहुंच गए हैं। इतने रुपये पहुंचने पर जहां उपभोक्ताओं की बांझें खिली हैं। वहीं एजेंसी संचालकों को भी सब्सिडी सिलेंडर की असली कीमत का अंदाजा नहीं लग पा रहा।
गैस उपभोक्ता अतिशीघ्र वांछित औपचारिकताएं पूर्ण कर डीबीटीएल (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर स्कीम) योजना के लाभार्थी बनें। निर्धारित समय तक कार्रवाई न होने पर यह लोग शासन की महती योजना से वंचित हो सकते हैं। प्रतिदिन आवेदन हो रहे हैं लेकिन गति धीमी है।
- विजय कुमार, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, एटा