विकास भवन स्थित शताक्षी सभागार में बैठक के दौरान अधिकारियोंरियों को निर्देश देते डीएम अरविंद
एटा। विकास भवन स्थित सभागार में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी ने मनरेगा और ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा बैठक में मनरेगा कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दिए। रोजगार सेवकों की मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए। उन्होंने वृक्षारोपण, अमृत सरोवरों के संरक्षण, मानव दिवस सृजन, श्रमिकों के समयबद्ध भुगतान व ई-केवाईसी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
डीएम ने पूर्व वर्षों में लगाए गए पौधों की वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड रखने, पौधारोपण स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने व अमृत सरोवरों में वर्षभर पानी उपलब्ध रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने महिलाओं को अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने, उनके उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग व विपणन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही मलावन पावर प्लांट के निकट वेटलैंड क्षेत्र के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण में महिला समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्र समेत मनरेगा एवं एनआरएलएम से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।