सकीट। क्षेत्र के गांव दोदलपुर में कई गरीब परिवार हैं जिनके सिर पर अपनी पक्की छत नहीं है। वर्तमान में बारिश का मौसम हो या हांड़ कंपा देने वाली सर्दी, आग उगलने वाली गर्मी, हर मौसम में इनको मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ये गरीब परिवार तिरपाल और टिनशेड में रहने को मजबूर हैं।
दोदलपुर गांव में कई परिवार मजदूरी कर दो वक्त की रोटी की जुगाड़ जैसे-तैसे कर पाते हैं। महंगाई बढ़ने पर कुछ परिवार की महिलाएं और अन्य सदस्य भी मजदूरी करने को मजबूर हैं। बच्चों को भी समय-समय पर काम पर लगा दिया जाता है। सर्द मौसम में तेज हवा चलने पर लोग घर से निकलने में कतराते हैं। ये लोग उस मौसम में बच्चों के साथ तिरपाल में दिन बिताते हैं। तपती धूप में जब कूलर और एसी भी ठंडक देना बंद कर देते हैं उस मौसम में भी ये लोग मजबूरी में तिरपाल और टिनशेड में दिन गुजारते हैं।
इन दिनों बारिश होने पर टिनशेड और तिरपाल से पानी अंदर आ रहा है। ये सभी गरीब परिवार अनुसूचित जाति के हैं और आवास पाने को पात्रता की सूची में शामिल हैं। इसके बावजूद इनको पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। वीरपाल, कालीचरन, दिनेश, कमला देवी, सदा प्यारी ने बताया कि ग्राम प्रधान और सचिव से कई बार पीएम एवं सीएम आवास के लिए लगातार संपर्क किया। सचिव ने ऑनलाइन आवेदन नहीं कराया है।
मकान कच्चा होने पर हर साल किसी न किसी का घर ढह जाता है। इसके बाद भी ब्लॉक के अधिकारी-कर्मचारी गांव के इन गरीब परिवारों को आवास नहीं दिला सके हैं। ग्राम प्रधान गंगाधर ने बताया कि उनकी पंचायत में जरूरतमंद और गरीब बहुत अधिक संख्या में हैं जो पात्र हैं। उनको आवास दिलाने के लिए वह निरंतर प्रयासरत हैं। आवास की संख्या कम और गरीब-जरूरतमंदों की संख्या अधिक होने पर समस्या बनी हुई है। संवाद