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लोहिया गांवों में विकास का सपना अब तक अधूरा

Sun, 17 Jan 2016 10:41 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
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प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में शामिल लोहिया ग्राम विकास योजना में चयनित जिले के गांवों में विकास का पहिया जाम है। अमर उजाला टीम ने शीतलपुर ब्लाक के ककरावली, निधौली कलां के बंथल कुतुबपुर और मारहारा ब्लॉक के अमृतपुर गांव में लोहिया योजना के तहत हुए विकास कार्यों की पड़ताल की तो हालात बदतर दिखाई दिए। गंदगी से पटी नालियां, गांव के मुख्य रास्ते पर कीचड़, अधूरे शौचायल इन गांवों की पहचान हैं। बिजली के तार जर्जर हैं। पात्रों को पेंशन नहीं मिल रही। मनरेगा योजना में जॉब कार्ड नहीं बने हैं।
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मारहारा ब्लॉक का अमृतपुर गांव वर्ष 2014-15 में लोहिया योजना में चयनित हुआ था। दो साल बाद भी गांव की केवल पांच गलियाें में सीसी निर्माण हुआ। तालाब अभी तक खोदा नहीं और सफाई कर्मचारी न आने के कारण नालियां गंदगी से पटी दिखाई दीं। शौचालय अधूरे हैं। जहां शौचालय बने हैं उनमें उपले रखे हैं। बिजली के जर्जर तारों पर बिजली आपूर्ति हो रही है। गांव के पात्रों को वृद्धा, विकलांग, विधवा, समाजवादी पेंशन योजना के फार्म तक नहीं भरे गए। गांव में पंचायत घर तक नहीं है। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान निगम सिंह यादव ने कहा लोहिया योजना में अधूरे विकास कार्य पूरा कर पात्रों को जल्द से जल्द पेंशन योजनाओं को लाभ दिलाया जाएगा।
 शीतलपर ब्लॉक का ककरावली गांव वर्ष 2014-15 में लोहिया योजना में चयनित हुआ है। ककरावाली गांव में अमरायपुर, दरिकपुर, जवाहरपुर, नेचलपुर, महराजपुर, मुरकटी गांव हैं। लेकिन योजना के तहत विकास कार्य सिर्फ मुरकटी में कराए गए। नेचलपुर, जवाहरपुर अब नई ग्राम पंचायत बन चुकी हैं, बाकी के गांव विकास कार्यों से दूर हैं। इन गांवों में चाराें ओर गंदगी पसरी है। जर्जर बिजली के तार हादसों को दावत दे रहे हैं। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान बंटू यादव ने कहा अधूरे कार्य गांव में पूरे कराए जाएंगे।  
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 निधौली कलां ब्लाक के बंथल कुतुबपुर ग्राम पंचायत वर्ष 2015-16 में लोहिया ग्राम विकास योजना में चयनित हुई। लेकिन योजना के तहत विकास कार्य सिर्फ कुतुबपुर में कराए और बंथल मजरे को दरकिनार कर दिया गया। गांव में 120 मनरेगा जॉब कार्ड हैं, लेकिन तीन साल से उन्हें कोई रोजगार नहीं मिला। एक भी गली सीसी नहीं हुई, गांव में कूड़े के ढेर होने के अलावा नालियां और मुख्य रास्तों पर कीचड़ है। पेयजल के लिए कोई नया हैंडपंप नहीं लगा और बिजली के तार जर्जर हालात में हैं। कुतुबनगर में 50 शौचालय बने हैं, लेकिन अधूरे हैं या फिर उपले भरे हैं। ग्राम प्रधान अवधेश बोले विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई। एडीओ पंचायत से जानकारी लेकर बंथल मजरे में भी विकास कार्य जरूर जाएंगे।
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