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11 माह बाद स्कूलों में लौटी रौनक, मदरसों में पड़ा रहा ताला

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प्रेंटिस गर्ल्स कॉलेज में पढ़ाई करती छात्रा । - फोटो : ETAH
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एटा। कोरोना काल के बाद से करीब 11 माह बाद जिले के विद्यालयों में फिर से रौनक लौट आई है। कक्षाओं में बच्चों का शोर शराबा से लेकर शिक्षकों के पढ़ाने की आवाज गूंजने लगी है। शासन के निर्देशानुसार बुधवार को कक्षा आठ के छात्र-छात्राओं को बुलाया गया। पहले दिन विद्यालयों में करीब 10 फीसदी विद्यार्थियों की उपस्थित दर्ज की गई। वहीं पहले दिन मदरसों में ताला लगा हुआ मिला। नगला पोता स्थित वारसी इस्लामिया स्कूल में ताला लगा हुआ मिला। जबकि शासन ने मदरसों को भी खोलने के निर्देश दिए हैं।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय बापू विद्या मंदिर पटियाली गेट
पटियाली गेट स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय बापू विद्या मंदिर में पहले दिन कक्षा आठ के छात्रों को बुलाया गया जिसमें कुल 16 बच्चे पंजीकृत थे। इसमें सिर्फ 8 बच्चे ही स्कूल में पढ़ने के लिए आए।
ज्ञान भारती इंटर कॉलेज में पहुंचे सिर्फ दो छात्र
शांति नगर स्थित ज्ञान भारती इंटर कॉलेज में पहले दिन कक्षा आठ के सिर्फ दो छात्र ही पढ़ने के लिए आए। वहीं विद्यालय में कक्षा आठ में कुल 54 छात्र पंजीकृत है। कक्षा नौ से 12वीं तक में शिक्षण कार्य जारी था।
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प्रिंटिस गर्ल्स इंटर कॉलेज
गांधी मार्केट स्थित प्रिंटिस गर्ल्स इंटर कॉलेज में पहले दिन कक्षा आठ में कुल पंजीकृत 83 छात्राओं में केवल 8 छात्राएं ही पढ़ने आईं। यहां छात्राएं मास्क लगाकर अध्ययन करतीं नजर आईं।
स्कूल में पहले दिन कक्षा आठ की छात्राओं को सैनिटाइजेशन व थर्मल स्क्रीनिंग के बाद मास्क लगाकर ही अंदर प्रवेश करने दिया गया है। पहले दिन कक्षा में छात्राओं की संख्या कम रही है।
अल्का ई सिंह, प्रधानाचार्य, प्रिंटिस गर्ल्स इंटर कॉलेज
पहले दिन कक्षा आठ के विद्यार्थियों को सैनिटाइजेंशन व थर्मल स्क्रीनिंग की गई। उसके बाद विद्यालय में प्रवेश दिया गया। साथ ही अभिभावकों के सहमति पत्र भी चेक किए गए।
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- तिलत मुस्तफा, प्रधानाचार्य, पूमावि बापू विद्या मंदिर
पहला दिन होने की वजह से बच्चे कम आए हैं, वहीं कुछ अभिभावक अभी भी बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं, जिसकी वजह से छात्रों की संख्या कम है।
- विवेक यादव, प्रधानाचार्य, ज्ञान भारती इंटर कॉलेज
कक्षा आठ के तीन विद्यार्थी पहले दिन पढ़ने के लिए आए थे, लेकिन उनके पास अभिभावकों का सहमति पत्र नहीं था। इसलिए उन्हें वापस कर दिया गया।
- डॉ. अरूण उपाध्याय, प्रधानाचार्य अविनाशी सहाय आर्य इंटर कॉलेज
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