कलक्ट्रेट धरना स्थल पर महापंचायत के दौरान किसानों को संबोधित करते अखिल संघर्षि ।
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एटा। अखिल भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में बुधवार को कचहरी स्थित धरना स्थल पर किसानों की पंचायत आयोजित की गई। यहां किसानों ने कृषि कानूनों पर आरपार की लड़ाई का एलान किया। पंचायत को लेकर प्रशासन सुबह से ही सतर्क रहा और धरना स्थल को छावनी में तब्दील कर दिया।
पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया के कृषि कानूनों को लेकर चल रहे आंदोलन के तहत 18 फरवरी को अलीगढ़ और 23 फरवरी को फिरोजाबाद में किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। दिल्ली आंदोलन में जिले के 22 कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई है वहीं संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी 75 जनपदों से अभियान चलाकर 75 लाख किसानों को जोड़ने का काम किया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित तीनों कृषि कानूनों को समाप्त किए जाए और स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दी जाए। सभा में किसानों ने ज्ञापन देने के लिए जिलाधिकारी को आमंत्रित किया और उनके न आने पर उनके आवास में घुसकर ज्ञापन देने का एलान किया। इस पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) राहुल कुमार, उप जिलाधिकारी (सदर) अबुल कलाम एवं क्षेत्राधिकारी (शहर) राजकुमार सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों का ज्ञापन लिया।
अधिकारियों ने लंबित समस्याओं के समाधान को दो दिन में अधिकारियों एवं किसानों के बीच वार्ता कराकर समाधान कराने का आश्वासन दिया। गांव गधुआ में पशुओं में फैले खुरपका और मुंहपका रोग पर अपर जिलाधिकारी ने कैंप लगाकर पशुओं के इलाज कराने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सुरेंद्र शास्त्री, तेज सिंह वर्मा, रामकिशन यादव, अनुराग सिंह, बबलेश यादव, अनिल सोलंकी, ठा. दिनेश चंद्र कुशवाह, छोटू यदुवंशी आदि मौजूद रहे।