एटा। जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में उच्चीकृत कर दिया गया है। विशेषज्ञ चिकित्सक भी आ गए हैं। कॉलेज संचालित हुए दो वर्ष बीत गए हैं। लेकिन सुविधा के नाम पर व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया। यहां पैथॉलॉजी लैब में लगी लिवर व किडनी जांच की मशीन काफी समय से खराब है। पांच दिन से हेपेटाइटिस बी की जांच के कार्ड भी नहीं है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में मरीजों को लिवर, किडनी सहित खून की अन्य जांचें कराने की जरूरत होती है। लेकिन कालेज में बनी पैथॉलॉजी लैब में से लिवर, किडनी, टायफाइड, ब्लड ग्रुप की जांचें बंद हैं। मरीजों को मजबूर निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।
टायफाइड की नहीं किट
बरसात के मौसम में टायफाइड संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इस समय भी लोग तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। लेकिन अस्पताल में बीते दस दिनों से टायफाइड जांच की किट उपलब्ध ही नहीं है।