एटा। एटा लोकसभा सीट पर 10 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा, लेकिन कई प्रत्याशी दिखावा ही थे, लड़ाई में कहीं नजर नहीं आए। अब मतगणना के लिए एजेंट बनाने में भी वह बहुत पीछे दिखाई दे रहे हैं। संभवत: कुछ प्रत्याशी द्वारा तो एजेंट बनाया जाना भी मुश्किल है।भाजपा, सपा और बसपा सहित कुल 10 दलीय और निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए मतदाता अपना मत 7 मई को डाल चुके हैं। हालांकि शुरू से लेकर मतदान के दिन तक मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा का ही रहा। ऐसा लगा नहीं कि अन्य आठ उम्मीदवार चुनाव पर कोई असर डाल रहे हैं। अब 4 जून को मतगणना कराई जानी है। इसके लिए भी अधिकांश प्रत्याशियों के खेमे की ओर से उत्साह नजर नहीं आ रहा है।
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एआरओ को मिलाकर 15 टेबल लगाई जाएंगी। ऐसे में हर प्रत्याशी को 15 मतगणना एजेंट नियुक्त करने का अधिकार दिया गया है। प्रत्याशियों को 31 मई की शाम तक अपने एजेंटों की सूची प्रशासन के सुपुर्द करनी है। भाजपा और सपा प्रत्याशियों की ओर से सूची दी जा चुकी है। लेकिन अन्य प्रत्याशियों की सूची का इंतजार है।
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प्रशासन की भी चल रहीं तैयारियां
मतगणना के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। 334 कार्मिकों को मतगणना के लिए नियुक्त किया गया है। जिनको 31 मई और 3 जून को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं मंडी समिति में 4 जून के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाओं पर काम शुरू करा दिया गया है।
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प्रत्याशियों की ओर से मतगणना एजेंट बनाने के लिए 31 मई की शाम तक सूची ली जाएगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की मतगणना में एक प्रत्याशी को 15 एजेंट बनाने का अधिकार है।-आयुष चौधरी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी