एटा। बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं की वजह से गोशाला में सुरक्षित किए गए गोवंश बेहाल हैं। इनको गर्मी से बचाने के लिए इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं। कई गोशालाओं में पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। छाया के लिए वृक्ष नहीं हैं। टिनशेड के अंदर बैठे हुए गोवंश बढ़ते तापमान में गर्मी से व्याकुल हैं। जिले में छोटी-बड़ी, अस्थाई व स्थाई कुल मिलाकर 28 गोशालाओं का संचालन किया जा रहा है। इनमें वर्तमान में लगभग पांच हजार गोवंश हैं। अधिकांश गोशालाओं में क्षमता से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इस कारण इनकी देखरेख और चारे पानी का इंतजाम करने में दिक्कतें आ रही हैं। गोशालाओं में पशुओं के लिए पीने के पानी और छाया का इंतजाम सबसे बड़ी चुनौती है।
इन दिनों तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है। छाया, ठंडी हवा, पानी और हरे चारे की व्यवस्था न होने के कारण पशु बीमार पड़ रहे हैं। जलेसर में स्थित कान्हा गोशाला, मारहरा की लल्लूखेड़ा और जीटी रोड पर मलावन में स्थित गोशाला में स्थिति खराब है। जिसके चलते आए दिन गोवंश रोगों का शिकार हो रहे हैं। सीवीओ अनिल कुमार का कहना है कि बढ़ती गर्मी व हरे चारे की कमी के चलते कुछ जगह समस्या आ रही है।
-
दृश्य 1: नाकाफी हैं कूलर-पंखे
बुधवार को सुबह 11 बजे मारहरा नगर पालिका के अंतर्गत लल्लूखेड़ा में स्थित गोशाला में पड़ताल की। यहां 126 गोवंश संरक्षित हैं, उनके लिए पानी के इंतजाम तो किए गए हैं, लेकिन कोई भी वृक्ष नहीं है। जब तापमान बढ़ जाता है तो गोवंशों को परेशानी होती है। हिंदू संगठनों के काफी कहने के बाद यहां दो कूलर व कुछ पंखे लगाए गए हैं, जो कि गोवंशों के लिए पर्याप्त नहीं हैं। पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था भी नहीं है। सूखा भूसा खिलाया जा रहा है। जिसे कुछ गोवंश खा भी नहीं रहे थे। कई गोवंश काफी कमजोर दिखाई दे रहे थे।
-
दृश्य 2: पीने के पानी की भी नहीं व्यवस्था
सकीट ब्लॉक के मलावन में जीटी रोड पर मधूपुरा के पास स्थित गोशाला में हमारी टीम दोपहर एक बजे पहुंची। यहां पीने के पानी से लेकर गोवंश के लिए हरे चारे तक की व्यवस्था नहीं है। गोशाला के अंदर ही नहीं बाहर भी गोवंश घूमते हुए दिखाई दिए। इनके लिए टिन शेड लगे हुए हैं। लेकिन धूप के बढ़ने के साथ ही वह बुरी तरह से गर्म होकर तपने लगते हैं। जिसके कारण गोवंश वहां बैठ नहीं पाते। गोशाला के अंदर पानी भरने के लिए हौदी व छोटा तालाब बनाया गया है, मगर वो सूखा पड़ा है। यहां पर कई गोवंश बीमार दिखाई दे रहे थे।
-
कुछ गोशालाओं को छोड़कर अधिकतर में गोवंश के खानपान की व्यवस्था ठीक चल रही है। कुछ जगह पर हरे चारे की समस्या है, वह भी अगले 15 दिन में खत्म हो जाएगी। फिलहाल गर्मी से राहत के लिए कूलर व पंखे लगाए गए हैं। पानी की व्यवस्था के लिए समर लगी हुई हैं। - अनिल कुमार, सीवीओ
-
कुल गोशालाएं- 28
संरक्षित कुल गोवंश- 4922
बाहर घूम रहे गोवंश- 1000 (लगभग)