पटियाली। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने लंबित मांगों को लेकर सरकार को 5 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी न होने पर प्रदेशभर के लेखपाल अतिरिक्त हल्कों का कार्य छोड़ने के साथ सभी ऑनलाइन कार्यों का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे।।
संघ के जिला अध्यक्ष दीपक भारद्वाज और जिला मंत्री आदित्य गौतम के हस्ताक्षर से 1 अगस्त को राजस्व परिषद को भेजे गए पत्र में लंबित मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की गई है। साथ ही जिलाधिकारी प्रणय सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि गृह मंडल में अंतर्मंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला जाए, क्योंकि करीब 2700 लेखपाल अपने गृह मंडल से 400 से 800 किलोमीटर दूर तैनात हैं।
संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची तत्काल जारी करने की मांग करते हुए कहा कि विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया 29 अप्रैल 2026 को पूरी हो चुकी है। इसके अलावा चयन वर्ष 2024 के नवनियुक्त लेखपालों की 13 सितंबर 2025 को हुई प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम 11 माह बाद भी घोषित नहीं किया गया है, जिसे शीघ्र जारी किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये, वाहन भत्ता 1500 रुपये तथा विशेष भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग भी उठाई गई है। इसके अलावा भूलेख कार्यालयों और विभिन्न पटलों पर तैनात लेखपालों को उनके मूल कार्य पर वापस भेजने तथा ग्राम सचिवालयों में बैठने की व्यवस्था, कंप्यूटर, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।
वर्तमान में एक लेखपाल के पास चार से पांच गांवों का प्रभार है, ऐसे में ग्राम सचिवालय में नियमित बैठकर कार्य करना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने बताया कि इन मांगों को लेकर बीती 30 जून 2026 को भी ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।