शनिवार को मौसम में अचानक आए बदलाव और बारिश ने गलन बढ़ा दी। इसका असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ा। पूरे दिन लोग घरों में कैद अलाव, अंगीठी के सहारे लोग अपना दिन काटते नजर आए। न्यूनतम तापमान 12 और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस पर रहा।
शनिवार सुबह से कोहरे की धुंध छाई हुई थी। दिन निकलने के साथ ही कोहरे की धुंध छटी तो बादलों से वातावरण घिर गया। सुबह के समय शीतलहर के कारण कोहरा तो छट गया लेकिन 11 बजे के बाद बारिश का क्रम शुरू हो गया। चार घंटे तक लगातार हल्की तेज बारिश होती रही।
बारिश रुकी तो लोगों ने राहत महसूस की लेकिन शीत लहर ने लोगों की दिक्कत बढ़ा दी। शीतलहर का प्रकोप इतना था कि ठिठुरन से लोग सिहर उठे। पूरे दिन चली शीतलहर ने लोगों को घरों में कैद होने को मजबूर कर दिया। जरूरत वाले लोग ही बाजार में निकले लेकिन वह भी अपने शरीर को मफलर, जैकेट व अन्य गरम वस्त्रों से ढके हुए थे। सूर्य दर्शन को लोग परेशान हुए। शीतलहर से परेशान लोगों ने सिर्फ अलाव जलाए।
ठिठुर कर स्कूल पहुंचे बच्चे
शीतलहर के बीच ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे। बारिश के बाद शीतलहर का प्रकोप बढ़ने से बच्चे पूरे दिन ठंड से परेशान दिखे। छुट्टी होने के बाद स्कूल वाहनों और रिक्शों में ठिठुरते हुए ही घर पहुंचे।
यातायात पर भी दिखा असर
वाहन चालकों को दिक्क्तों का सामना करना पड़ा। सुबह कोहरे की चादर ने वाहनों की स्पीड पर ब्रेक लगा दिए वहीं 11 बजे के बाद चार घंटे हुए बारिश से भी वाहन चालक परेशान होते दिखे। यात्री कम मिलने से रोजी पर असर पड़ा।
नहीं जले पालिका के अलाव
ठंड के प्रकोप से लोगों के हाड़ भी कंपा रहे हैं लेकिन अभी तक नगर पालिका ने सार्वजनिक स्थल पर अलाव की व्यवस्था नहीं की है। गरीब तबके के लोग इधर उधर से कूड़ा करकट जमा कर अलाव जला रहे हैं।
मार्गशीर्ष मेले में रहा सन्नाटा
शनिवार को सुबह से ही मौसम में आए परिवर्तन से जहां जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। वहीं इसका सीधा असर मेला मार्गशीर्ष पर पड़ा। मेला मार्गशीर्ष में लोग नहीं पहुंचे जिससे दुकानदार मायूस दिखे।
तिरपाल की बिक्री में हुआ इजाफा
तिरपाल की बिक्री करने वालों के लिए बारिश का मौसम बिक्री वाला रहा। शनिवार को हुई बारिश से तिरपाल की बिक्री में इजाफा हुआ और तिरपाल विक्रेता खुश नजर आए।