सालों से प्रस्तावित जवाहर तापीय परियोजना निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है। विगत दिवस आई विभागीय टीम ने प्रोजेक्ट सलाहकार से वांछित सूचनाएं और रिपोर्ट तलब की है। शासन से स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा।
सदर तहसील में प्रस्तावित महत्वपूर्ण जवाहर तापीय परियोजना के क्रियान्वयन की पहल शुरू हो गई है।
स्थलीय निरीक्षण को पहुंची निर्मात्री संस्था उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत निगम की टीम ने स्टेग इनर्जी सलाहकार से परियोजना संबंधी डिटेल प्रोजेक्ट पर विचार विमर्श करते हुए रिपोर्ट मांगी है। जिसे शासन को प्रेषित किया जाएगा। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
7500 बीघा भूमि अधिग्रहीत
660-660 मेगावाट की दो बिजली उत्पादन परियोजनाओं के लिए सैकड़ों किसानों की 7500 बीघा भूमि अधिगृहीत कर ली गई है। 98 प्रतिशत किसानों का मुआवजा भी दिया जा चुका है। अब वही लोग शेष हैं जिनकी भूमि का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। विभाग के अनुसार 72 लाख से अधिक का मुआवजा बांटा जा चुका है।
52 माह में पूरी होगी परियोजना
48 से 52 महीनों के बीच परियोजना के पूरा होने की उम्मीद है। परियोजना परिसर तक रेलवे लाइन का भी प्रस्ताव है। इसके अंतर्गत विशेष रेल लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही जल की आपूर्ति 22 किलोमीटर दूर स्थित लोअर गंगा से होगी। बड़ी क्षमता की पाइप लाइन बिछेगी।
निर्मात्री संस्था बदली
प्रस्तावित परियोजना की निर्मात्री संस्था बदल गई है। टैरिफ बेस्ड बिडिंग टेंडर के आधार पर होने वाले निर्माण में बदलाव करते हुए प्रदेश शासन ने परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी राज्य विद्युत उत्पादन निगम से कराने का निर्णय लिया है।
परियोजना शीघ्र शुरू कराने के लिए शासन गंभीर है। कानूनी अनुमोदन मिलते ही परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। सरकार से कोयला आपूर्ति की स्वीकृति के बाद पर्यावरण विभाग का प्रमाण-पत्र मिलने की उम्मीद है।
-अशोक सक्सेना, अधीक्षण अभियंता