एटा। अदालतों में विभिन्न मुकदमों की पैरवी और महंगी हो गई है। स्थानीय बार एसोसिएशन ने वकालतनामा, पर्चा पता, जमानतनामा बंधपत्र आदि की कीमत 50-50 रुपये बढ़ा दी है। इसके साथ ही अधिवक्ताओं के लिए दी जाने वाली सहायता धनराशि बढ़ाकर चार लाख रुपये की गई है।
न्यायालय में अधिवक्ताओं द्वारा पैरवी के लिए वकालतनामा सहित अन्य कागजात उनके नाम से लगाए जाते हैं। इनका मूल्य स्थानीय कलक्ट्रेट बार एसोसियेशन से तय किया जाता है। जिससे मिलने वाले धनराशि को बार अधिवक्ताओं के हित में खर्च करती है। बार ने इस संबंध में 22 फरवरी को बैठक की थी।
सर्वसम्मति से पारित किए गए प्रस्ताव के तहत वकालतनामा सहित अन्य कागजातों पर विक्रय मूल्य बढ़ाया गया है। जो एक अप्रैल से लागू हो जाएगा। अभी तक जो वकालतनामा 375 रुपये का मिल रहा है, वो अब 425 रुपये का बिक्री किया जाएगा। पर्चा पता की भी यही कीमत रहेगी। जमानतनामा बंध पत्र पर भी 50 रुपये बढ़ाए जाएंगे।
महंगी पैरवी के बीच अधिवक्ताओं के लिए अच्छी खबर यह है कि उन्हें अधिवक्ता कल्याण कोष के माध्यम से दी जाने वाली सहायता धनराशि बढ़ाई गई है। अभी तक अधिवक्ता की मृत्यु के बाद उनके परिजन को तीन लाख रुपये दिए जा रहे हैं। एक अप्रैल से यह धनराशि चार लाख रुपये हो जाएगी। वहीं किसी दुर्घटना, गंभीर बीमारी की स्थिति में अधिवक्ता इस धनराशि से आधा रुपया प्राप्त कर सकेंगे। यह दोनों ही प्रावधान केवल अधिवक्ता कल्याण कोष के सदस्यों के लिए ही है।
अधिवक्ता कल्याण कोष के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दिया गया है। इससे मुश्किल वक्त में अधिवक्ताओं के परिजन को सहायता मिलेगी। इसके अलावा बैठक में सर्वसम्मति से बार से जारी होने वाले वकालतनामा सहित विभिन्न प्रपत्रों पर शुल्क बढ़ाया गया है।
राकेश यादव, महासचिव, कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन