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UP: आशियाना उजड़ा तो दे दी जान...वन विभाग पर उत्पीड़न का आरोप, लोगों ने पांच घंटे नहीं उतरने दिया फंदे से शव

Mon, 22 Sep 2025 08:34 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

मजदूर की मौत के बाद लोगों में सरकारी व्यवस्था के प्रति आक्रोश पनप गया। पांच घंटे तक उन्होंने पुलिस को फंदे से शव नहीं उतारने दिया। विधायक ने पहुंचकर मुआवजा व कार्रवाई का आश्वासन दिया तब ग्रामीण माने।
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मृतक का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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एटा में आशियाना उजड़ने की नौबत आई तो एक मजदूर ने घर के सामने पेड़ पर प्लास्टिक की रस्सी से फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक के परिजन ने वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।
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गांव सकतपुर थाना मलावन निवासी आरती देवी ने बताया कि गांव के बाहर लगभग 25 वर्ष पूर्व ससुर मुरारीलाल ने एक मकान बनवाया था। 2024 में ग्राम प्रधान के सहयोग से प्रशासन ने लगभग 125 बीघा जमीन वन विभाग को दे दी। इसकी हद में हमारा मकान भी आ गया। विरोध करने पर विभागीय लोग परेशान करने लगे। आए दिन घर आकर धमकाने लगे जिसकी वजह से हमारा जीना दुश्वार हो गया है।

उन्होंने बताया कि जेठ हरी सिंह (40) गांव में रहकर मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। इनकी 6 वर्ष की बेटी अनमोल, 4 वर्ष की राधा और डेढ़ वर्ष का बेटा अर्जुन है। आरती का आरोप है कि वन विभाग की ओर से भूमि को घेरकर चारों ओर से तारबंदी कर दी गई है। दो दरवाजे बनाए हैं, जिनमें ताला पड़ा हुआ है। हमारे मकान तक पहुंचने के सारे रास्ते बंद कर दिए। 
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पास में नाले के पास थोड़ी सी जमीन देकर 6 माह पूर्व एकल ईंट की दीवार बनाकर उसके ऊपर टिनशेड रख वन विभाग ने रहने को कहा। इसके बाद हम लोग इसमें रहने लगे। आरती ने बताया कि 4 दिन पूर्व वन विभाग के कुछ कर्मचारी घर पर आए थे। इन लोगों ने जेठ हरी सिंह को धमकाते हुए पुराना मकान खाली कर तोड़ने को कहा था। 

जब हरी सिंह ने विरोध किया तो धमकी दी कि तुम नहीं तोड़ोगे तो हम बुलडोजर लाकर गिरा देंगे। तभी से जेठ की तबीयत खराब हो गई और वह मानसिक रूप से परेशान हो गए थे। इसी की वजह से घर के सामने लगे बरगद के पेड़ पर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।

 

फंदे से नहीं उतारने दिया शव
गांव सकतपुर में हरी सिंह की मौत के बाद लोगों में सरकारी व्यवस्था के प्रति आक्रोश पनप गया। पांच घंटे तक उन्होंने पुलिस को फंदे से शव नहीं उतारने दिया। सदर विधायक ने पहुंचकर मुआवजा व कार्रवाई का आश्वासन दिया तब ग्रामीण माने।

आरती के मुताबिक सोमवार सुबह लगभग 5 बजे जेठ हरी सिंह शौच के लिए घर से निकले थे। लगभग 8 बजे जब वह वन विभाग में बने पुराने मकान की ओर जा रही थी तो देखा कि बरगद के पेड़ पर कोई लटका है। पास जाने पर पता चला कि वह जेठ हैं। 
 

सूचना मिलते ही सीओ सकीट कीर्तिका सिंह, थाना प्रभारी मलावन रोहित राठी और पुलिस बल मौके पर आ गया। परिजन को समझाकर शव को उतारने का प्रयास किया तो वह नहीं माने। इसके बाद सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड भी मौके पर पहुंच गए। 

ग्रामीण व मृतक के परिजन ने विधायक के सामने मांग रखी कि मृतक व उनके छोटे भाई को 5-5 बीघा जमीन का पट्टा दिया जाए। रहने के लिए मकान और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था शासन-प्रशासन की ओर से की जाए। लगभग 5 घंटे तक चली वार्ता के बाद शव को उतारने दिया।

 
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नहीं बनी रोटी, आधी छिली रह गईं तोरई
पति की मौत की जानकारी मिलते ही रीता रोती-बिलखती घटना स्थल की ओर दौड़ पड़ी। उस समय टिनशेड में रीता बच्चों के लिए खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। खबर मिलते ही होशोहवास खोकर ऐसी भागी कि चूल्हे में आग जलती रह गई और आटा भी नहीं गूंथ पाई। सब्जी बनाने के लिए छील रही तोरई आधी छिली वहीं रखी रह गईं। मासूम बच्चों को नहीं पता कि पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। वह तो बस भूख से व्याकुल होकर कभी चूल्हे तो कभी तोरई की ओर देख रहे थे।

परिजन ने आरोप लगाए हैं लेकिन लिखित में कोई तहरीर नहीं दी है। यदि देते हैं जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -कीर्तिका सिंह, सीओ सकीट

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