जवाहर तापीय परियोजना में प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : जवाहर तापीय परियोजना में प्रदर्शन करते लोग।
एटा। जवाहर तापीय परियोजना में कार्यरत पंकज निवासी नगला भूपाल थाना मलावन की विद्युत करंट लगने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। रविवार को परिजन ने शव को प्लांट में रखकर कंपनी से मुआवजे की मांग की। परिजन के साथ ही गांव के 200 से अधिक लोग भी प्रदर्शन करते रहे।
शनिवार को पंकज ने जवाहर तापीय परियोजना में एल्युमीनियम की नशैनी को सीधा किया तो ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन लाइन में छू गई, जिससे पंकज बुरी तरह से झुलस गया। वहां पर तत्काल एबुलेंस को बुलाया और पंकज को मेडिकल कॉलेज के लिए भेज दिया। यहां पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद गंभीर हालात देखते हुए आगरा रेफर कर दिया।
50 फीसदी से अधिक जलने की वजह से पंकज ने रविवार सुबह करीब 7 बजे दम तोड़ दिया। आगरा में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन शव को जवाहर तापीय परियोजना ले आए। वहां शव को रखकर कंपनी से 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग करने लगे, लेकिन कंपनी 20 लाख रुपये ही मुआवजा दे रही थी। इस पर आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने जवाहर तापीय परियोजना का घेराव कर प्रदर्शन किया।
सैकड़ों की संख्या में भीड़ को देखकर थाना मलावन और सकीट के अलावा अन्य थानों का पुलिस बल भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुला लिया गया। एसडीएम सदर जगमोहन गुप्ता, सीओ सदर संजय सिंह, सीओ सकीट कीर्तिका सिंह परिजन से वार्ता करने के साथ ही हालातों पर नजर रखे रहे। देर शाम तक लोगों का प्रदर्शन चलता रहा और मुआवजे पर सहमति नहीं बन सकी।