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अगवा युवक का शव ईशन नदी में मिला

Mon, 09 Feb 2015 11:41 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला एटा
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तीन पूर्व अगवा हुए ऋषिपाल सिंह यादव (32) का शव सोमवार सुबह ईशन नदी में मिला। परिवारीजन व ग्रामीण शव देखकर भड़क गए। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सुबह करीब नौ बजे एटा-शिकोहाबाद मार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। बाद में कई थानों का फोर्स, पीएसी के अलावा एएसपी, एडीएम वित्त, सीओ आदि पहुंचे। समझा-बुझाकर व कार्रवाई का आश्वासन देकर साढ़े पांच घंटे बाद जाम खुलवाया।
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सोमवार सुबह करीब 8.30 बजे ग्रामीणों ने ईशन नदी में ऋषिपाल सिंह शव पड़ा देखा। पुलिस और ऋषिपाल के परिवारीजनों को जानकारी दी। बताते हैं कि जानकारी पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने मृतक की जेब में रखे करीब 57 हजार रुपये निकाल लिए। यह देख ग्रामीणों ने विरोध किया तो पुलिसकर्मी मौके से भाग गए। ग्रामीणों ने पीछा भी किया। जानकारी पर पहुंचे परिवारीजन शव देख भड़क गए। पुलिस की लापरवाही बताते हुए सुबह करीब नौ बजे फफोतू के पास जाम लगा दिया। ग्रामीणों का गुस्सा देख करीब आधा घंटा तक पुलिस ही नहीं पहुंची।


जाम बढ़ता देख सीओ सकीट, एएसडीएम संदीप गुप्ता, स्थानीय पुलिस, थाना सकीट, मलावन, कोतवाली नगर, देहात पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ सकीट आशाराम अहिरवार ने पुलिसकर्मियों द्वारा निकाले गए 57 हजार रुपये व कैमरा भी लाकर दिया। फिर भी वह नहीं माने। लोगों का कहना था कि मृतक के पास 1.50 लाख से अधिक रुपये थे, जिनमें से 57 हजार रुपये ही मिले हैं।
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बताते हैं कि रात में कुछ लोग बोलेरो गाड़ी से मृतक को नहर में फेंककर गए हैं। वहीं आक्रोशित लोग आरोपियों की गिरफ्तारी, पैनल, वीडियोग्राफी के तहत पोस्टमार्टम कराने, लापरवाह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। जानकारी पर एएसपी विसर्जन सिंह यादव, एडीएम वित्त व राजस्व राजेंद्र कुमार पहुंच गए। करीब साढ़े पांच घंटे बाद आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला। देर सायं पैनल के तहत वीडियोग्राफी में डॉ. वीपी सिंह, डॉ. अरुण कुमार की देखरेख में पोस्टमार्टम कराया गया।


जाम लगाने वाले लोगों की मांगें मान ली गईं। इसके बाद उन्हाेंने जाम खोल दिया। आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह से स्थिति साफ हो सकेगी। पुलिसकर्मियों की लापरवाही की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
- विसर्जन सिंह यादव, एएसपी


यह था मामला
पांच-छह फरवरी की रात फीरोजाबाद थाना जसराना के गांव गढ़ी निवासी संजय, छोटा भाई ऋषिपाल सिंह दिल्ली से बाइक पर घर लौट रहे थे। रात करीब 10 बजे थाना रिजोर स्थित नहर पुल के पास बोलेरो ने टक्कर मार दी। दोनों ही गंभीर रूप से घायल हो गए। संजय तो मौके से मिल गया, मगर ऋषिपाल का पता नहीं चला। इस पर आक्रोशित लोगों ने जाम भी लगाया था। घायल संजय ने सतेंद्र निवासी तावेपुर रिजोर, विनील निवासी पहाड़पुर कुरावली, विधाराम, वीरपाल, प्रदीप निवासी बक्खीपुर सकीट, जयपाल निवासी अमृतपुर जशरथपुर के विरुद्ध अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तीन आरोपी सतेंद्र, विनील व विधाराम को पकड़ लिया था।
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खुशी का माहौल गम में बदला
10 फरवरी को भतीजी की शादी में शामिल होने दोनों भाई आ रहे थे। मगर ऋषिपाल की मौत के बाद खुशी का माहौल गम में बदल गया।
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