भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के आगरा पहुंचने की जानकारी प्रशासन को पहले से ही थी। शुक्रवार की देर रात्रि प्रशासन ने निर्णय लिया कि आगरा जोन की सीमा शुरू होते ही कासगंज में लक्ष्मीकांत वाजपेयी को रोक लिया जाए। इसके बाद भी वह आगरा की ओर बढ़ते हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए। इसके बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया और शुक्रवार रात में ही बरेली कासगंज मार्ग पर कछला पुलिस चौकी के सामने नाकाबंदी कर दी गई। कछला और सोरों में पांच घंटे तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को रोके रखा गया और इस दौरान प्रशासन व पुलिस अधिकारी भी तनाव में नजर आए।
सुबह नौ बजे बरेली से आ रहे लक्ष्मीकांत वाजपेयी जैसे ही कासगंज की सीमा में पहुंचे, पुलिस ने उनकी गाड़ी को रोक लिया गया। यहां पहले से ही एडीएम बालमयंक मिश्रा, एएसपी राधे मोहन भारद्वाज, बदायूं के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी, कई थानों की पुलिस और पीएसी तैनात थी। गाड़ी रुकते ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को आगरा में धारा 144 लगी होने का हवाला देते हुए एक नोटिस तामील कराया और आगरा न जाने को कहा। लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने प्रशासन के इस कदम को गलत बताया और आगरा में विहिप नेता माहौर के शोकाकुल परिवार से मिलने की बात दोहराई। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें आगे जाने देने से साफ मना कर दिया। मामले की जानकारी होने पर भाजपा के कार्यकर्ता भी पहुंचने लगे। प्रशासन ने सुबह नौ बजे से 12 बजे तक उन्हें यहीं रोके रखा तो उन्होंने गृह सचिव से बात की। गृह सचिव ने इस कार्यवाही की जानकारी न होने बात कही। भीड़ बढ़ने पर जिलाधिकारी एवं एसपी भी मौके पर आ गए और लक्ष्मीकांत वाजपेयी को गेस्ट हाउस ले गए। गेस्ट हाउस पर एटा के सांसद राजवीर सिंह एवं पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष पूर्व सांसद एसपी सिंह बघेल भी पहुंच गए। यहां भी कार्यकर्ताओं की भीड़ एकत्रित हो गई। वाजपेयी बार-बार आगरा जाने की बात कर रहे थे। जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन ने आगरा के जिलाधिकारी पंकज कुमार से वार्ता की। लेकिन आगरा जाने देने की बात पर सहमति नहीं बनी। दोपहर करीब दो बजे विरोध जताने के बाद लक्ष्मीकांत वाजपेयी वापस बरेली के लिए रवाना हो गए।