कासगंज। रेलवे ने कासगंज-बरेली ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का फर्राटा तो शुरू कर दिया है, लेकिन अभी तक सिर्फ सीमित संख्या में ही ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसके पीछे कारण हैं कि कासगंज का टीएसएस (ट्रेक्शन सबस्टेशन) ओवरलोड हो गया है। अब राहत देने के लिए बदायूं में टीएसएस तैयार हो चुका है। जल्द ही यहां से इलेक्ट्रिक लाइन को आपूर्ति मिलने लगेगी।
रेलवे के ट्रेक्शन सबस्टेशन की सीमित क्षमता होती है। कासगंज जंक्शन स्टेशन पर बने टीएसएस की क्षमता है कि एक बार में चार इलेक्ट्रिक इंजन से मालगाड़ियां या ट्रेन दौड़ाई जा सकती हैं। इससे अधिक मालगाड़ी और ट्रेनें चलाने पर यह टीएसएस ओवरलोड हो जाता है। अब तक इस टीएसएस से मथुरा और कानपुर की ओर ट्रेनें चलाई जा रही थी, लेकिन अब जब बरेली ट्रैक पर भी इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें शुरू हुई हैं तो ये टीएसएस ओवरलोड होने लगा है। ऐसे में यहां सीमित संख्या में ही इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें और मालगाड़ियां चलाई जा रही हैं, जबकि कुछ ट्रेनें और मालगाड़ियां डीजल इंजन से चल रही हैं। कासगंज जंक्शन के टीएसएस के ओवरलोड को कम करने के लिए रेलवे ने बदायूं में टीएसएस तैयार कर लिया है। जल्द ही इस टीएसएस से आपूर्ति देने की तैयारी है।
विद्युत निगम के अफसरों से मिले रेलवे के अफसर
टीएसएस को आपूर्ति दिलाने के लिए रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारी बदायूं के विद्युत निगम के अधिकारियों से मिले हैं। जिससे कि विद्युत निगम के माध्यम से टीएसएस को आपूर्ति मिल सके। विद्युत निगम के अफसरों ने भरोसा दिया है कि आगामी दो दिनों में आपूर्ति देना सुनिश्चित कर दिया जाएगा।