एटा। जिला कारागार में 64 बंदी और कैदी महिलाएं हैं। इनमें 14 बंदी महिलाओं ने व्रत रखा, उनके पति भी जेल में बंद हैं। व्रत खोलने के लिए जेल प्रशासन ने उनकी मुलाकात पतियों से दोपहर में कराई, यहां बंदी महिलाओं ने पति को पानी पिलाया। शाम को चंद्रमा निकलने के बाद बंदी महिलाओं ने अपना व्रत खोला। व्रत खोलने के लिए जेल प्रशासन ने बंदी महिलाओं के लिए खीर पूड़ी का इंतजाम किया।
जेल अधीक्षक पीपी सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से मिलाई बंद है। इसके चलते अन्य महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत नहीं रखा। अगर बंदी महिलाएं व्रत रखती तो व्रत तोड़ने के लिए उनके पति से मुलाकात करानी पड़ती। उन्होंने बताया कि पिछले साल 45 बंदी महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत रखा था जिनकी मुलाकात उनके पति से कराई गई थी।
अन्य महिला बंदियों से कराई फोन पर बात
जिला कारागार में 50 बंदी महिलाओं ने करवाचौथ का व्रत नहीं रखा। उसके बावजूद जेल प्रशासन ने उनकी पति से पांच मिनट तक फोन पर वार्ता कराई।