योगी सरकार के कर्ज माफी के फैसले ने किसानों के चेहरे खिला दिए हैं। प्रदेश सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में किसानों को तोहफा मिला। सरकार ने कर्ज माफी के लिए 50 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। मंगलवार को पूरे दिन किसानों की नजर कैबिनेट के फैसले पर टिकी रहीं। इसके साथ ही बैंकों ने सरकार के निर्देश को लेकर पहले से तैयारियां कर ली हैं।
मंगलवार को योगी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में घोषणा पत्र में किए गए कर्ज माफी के वादे को देखते हुए 50 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था कर दी। जिले में करीब 33703 किसानों ने केसीसी के जरिए 337 करोड़ रुपये और 74803 किसानों ने 11 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण ले रखा है। कर्जमाफी के फैसले का फायदा सीधे जिले के एक लाख किसानों को मिलने जा रहा है। उधर, बैंकों ने कर्जदार किसानों की सूची बनाकर तैयार कर ली है। इसके साथ ही फैसले के बाद बैंकों पर काम का बोझ बढ़ने जा रहा है। प्रत्येक किसान का कर्ज माफ करके एनओसी देने समेत तमाम मामलों को निपटाया जाएगा। लोया बादशाहपुर के किसान ज्ञान गिरि गोस्वामी कहते हैं कि सरकार ने कर्जमाफी करके किसानों को बड़ी राहत दी है। इससे किसानों का काफी बोझ कम होगा और वे अच्छी फसल की ओर ध्यान दे पाएंगे। चिलासनी के किसान हरी सिंह कुशवाह ने बताया कि कर्जमाफी हो जाने के बाद किसानों की सबसे बड़ी चिंता दूर होगी। प्रदेश अन्नदाता को सम्मान की अनुभूति होगी। बस आदेश का सही पालन हो। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एलसी पॉल कहते हैं कि कर्जमाफी को देखते हुए डाटा तैयार कर लिया गया है। शासन से आदेश मिलने के बाद इसे लेकर कवायद शुरू होगी।