योगी सरकार ने 15 जून तक सड़कों को गढ्डा मुक्त करने का एलान किया है। इसमें लिए जिले को 2.22 करोड़ रुपये भेज भी दिए गए हैं। पर, ठेकेदार इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। किसी भी ठेकेदारों ने टेंडर ही नहीं डाले। ऐसे में योगी सरकार का फरमान कैसे पूरा होगा? इसे लेकर अफसर परेशान हैं।
सरकार के एलान के बाद सर्वे करके पीडब्लूडी विभाग ने शासन को 650 किलोमीटर सड़कों को गढ्डा मुक्त, नवीनीकरण एवं विशेष मरम्मत के प्रस्ताव भेजा था। ओइसमें बरेली-मथुरा, एटा- कासगंज कलक्ट्रेट, कासगंज-अमांपुर, एटा- अमांपुर, सहावर, फाटकपुर, धरमपुर, चंडौस, एलजीसी पटरी, अलीगंज-सोरों मार्ग, नगरिया, शहवाजपुर, म्यांसुर, पटियाली, नरदौली मार्ग, गंजडुंडवारा, सुन्नगढ़ी, खिजरपुर, चिलकुईया से उमरऊआ, बरेली, मथुरा, मोहिनी, मामूरगंज सहित अन्य मार्ग शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग ने कुल 193 कार्यों के टेंडर आमंत्रित किए। इसमें से केवल 111 टेंडर आए हैं। ठेकेदारों ने केवल नवीनीकरण एवं विशेष मरम्मत कार्यों के टेंडर ही डाले हैं। गड्ढा मुक्त सड़कों के लिए कोई भी टेंडर नहीं डाला गया है। इस पर विभाग ने टेंडर डालने का समय बढ़ते हुए 9 मई तक कर दिया है। बताया जा रहा है कि खनन पर प्रतिबंध होने के कारण बाजारों में बजरफुट, गिट्टी आदि की कीमतों में उछाल है। इसी से ठेकेदारों ने टेंडर नहीं डाले हैं।
क्या कहते हैं विभागीय अधिकारी
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सीपी सिंह का कहना है कि पैच मरम्मत हेतु कोई टेंडर नहीं आया है। नौ मई तक टेंडर किए जा सकते हैं। टेंडर डालने के लिए ठेकेदारों को मोटीवेट किया जा रहा है। बताया कि सड़क मार्गों पर जिस विभाग का स्वामित्व है, वहीं विभाग अपनी सड़कों को गढ्डा मुक्त करेंगे।