एटा के मलावन स्थित जवाहर तापीय परियोजना का प्लांट।
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एटा। अफसरों की लापरवाही और निर्माणाधीन कंपनी दूसान के गलत मेजरमेंट के चलते जवाहर तापीय परियोजना का निर्माण कार्य छह माह लेट हो गया है। दिसंबर 2020 तक प्रस्तावित कार्य अब जुलाई 2021 तक पूरा हो सकेगा। अधिकारी इसके लिए भूमि की गुणवत्ता एवं जांच प्रक्रिया के चलते विलंब बता रहे हैं। 660 मेगावाट की दो विद्युत परियोजनाओं का काम निर्धारित समय पर शुरू हो गया, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा।
350 हेक्टेयर भूमि में निर्माणाधीन परियोजना को दक्षिण कोरिया की कंपनी दूसान के सहयोग से पूरा किया जा रहा है। 660-660 मेगावाट की दो इकाइयों वाली इस परियोजना में पहली एवं दूसरी इकाई के निर्माण में छह माह का अंतर रहेगा। यानी पहली इकाई जुलाई 2021 एवं दूसरी इकाई दिसंबर 2021 में हेंडओवर होने की उम्मीद है।
उत्तरी ग्रिड को जाएगी बिजली
जवाहर तापीय परियोजना में बनने वाली बिजली नार्दर्न ग्रिड को दी जाएगी। इसके लिए ट्रांसमिशन तैयार किया जा रहा है। इतना ही नहीं इस क्षेत्र को भी बिजली मिल सकेगी।
35 मीटर नीचे से बनी फाउंडेशन
रेतीली भूमि के चलते इंजीनियर्स को खासी मशक्कत करनी पड़ी। ब्यायलर आदि मशीनों के लिए फाउंडेशन 35 मीटर नीचे से बनाई गई है। इसके चलते भी काम बढ़ गया। बताते चलें कि यहां 10 से 12 मीटर पर ही पानी निकल आता है।
दो माह का होगा ट्रायल
दो माह के सफल ट्रायल के बाद तापीय बिजलीघर को विद्युत विभाग को सौंपा जाएगा। निर्माण पूरा होने के बाद दक्षिण कोरिया की निर्मात्री संस्था दो महीने का ट्रायल भी देगी। इसके बाद ही इसे टेकओवर किया जाएगा।
-राजेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता, जवाहर तापीय परियोजना।