पशु चिकित्सालय की बिल्डिंग की मरम्मत करवाता ठेकेदार।
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पीडब्लूडी विभाग से करोड़ों के टेंडर हासिल करने के लिए लगाई गई फर्जी एफडीआर प्रकरण की जांच शासन ने एसआईटी को सौंप दी है। दूसरी ओर विभाग ने पिछले पांच साल में पीडब्लूडी के टेंडर हासिल करने वाले सभी चालीस ठेकेदारों की एफडीआर समेत सभी कागजातों की जांच करने का फैसला किया है। विभागीय सूत्रों की माने तो यदि कागजातों की बारीकी से जांच हुई तो दो दर्जन से अधिक ठेकेदार सलाखों के पीछे होंगे।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सीपी सिंह ने बताया कि आगरा रोड स्थित मेसर्स यूए कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोपराइटर की फर्जी एफडीआर प्रकरण की जांच शासन ने एसआईटी को सौंप दी है। एसआईटी सिर्फ ई-टेंडर के जरिये टेंडर हासिल करने के लिए आनलाइन डाउनलोड किए गए कागजातों की जांच कर रही है। शासन ने एटा जिले में पिछले पांच साल में ई-टेंडर और मैनुअल टेंडल लेकर सड़कों का निर्माण करने वाले चालीस से अधिक ठेकेदारों की एफडीआर समेत अन्य कागजातों की जांच करने के आदेश दिए हैं। आदेश मिलने के बाद पीडब्लूडी विभाग के अफसरों ने सभी ठेकेदारों की टेंडर से जुड़ी फाइलें खंगालना शुुरू कर दिया है। जांच के दायर में पिछले पांच साल के दौरान पीडब्लूडी से ठेके हासिल करने वाले ठेकेदार शामिल हैं। एक्सईएन बताया कि जांच के बाद जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन कार्रवाई करेगा।