एटा। पड़ोसी जिलों में फैले बुखार और डेंगू को लेकर लोगों के साथ ही स्वास्थ्य महकमा भी चिंतित हैं। विशेष सतर्कता बरती जा रही है। एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर सर्वे करने में लगाया गया है। किसी मरीज को चिह्नित करने के बाद इलाज में देरी न हो, इसके लिए मरीज की जानकारी ऑनलाइन दी जाएगी, जिससे तुरंत इलाज मिल सके।
अन्य जनपदों में बुखार से हो रही मौत के बाद जिले में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड़ पर आ गया हैं। सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने निर्देश दिए हैं कि आशा और एएनएम घर-घर जाकर मरीजों की पड़ताल करें। वहीं एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए। जिस पर आशा, एएनएम मरीजों के घर का विवरण सहित उसे क्या दिक्कत है, कितने दिन हो गए, उपचार मिला या नहीं, इसका विवरण लिखकर भेजेंगी। जिससे मरीज की जानकारी अधिकारियों को हो सके और उसे तत्काल इलाज मिल सके। इसे लेकर सभी सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों ने व्हाट्सएप ग्रुप बना दिए हैं।
भेजी गई मलेरिया व डेंगू जांच की किट
सीएमओ ने बताया सभी सीएचसी व पीएचसी पर मलेरिया व डेंगू की जांच की किट भेजी गई है। उन्हें निर्देश दिए हैं कि बुखार का रोगी आए तो तत्काल उसकी मलेरिया की जांच की जाए। पॉजिटिव आने पर उसके बीमार परिजनों की भी जांच की जाए।