एटा। मेडिकल कॉलेज का नया भवन 6 मंजिल का बना है। भूतल से लेकर 6वीं मंजिल तक चिकित्सक बैठते हैं। ऐसे में उपचार को पहुंचने वाले मरीज पर्चा बनवाने के बाद भटकते नजर आते हैं। अब इन मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। कॉलेज प्रशासन ने सेवाओं का संकेतक बोर्ड लगा दिया है। किस कक्ष में कौन से चिकित्सक मिलेंगे, यह भी अंकित किया गया है।
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 1500 से 1600 मरीज इन दिनों नए पहुंच रहे हैं। कॉलेज में प्रवेश करते ही गेट पर मरीज का पर्चा तो बन जाता है, लेकिन इसके बाद चिकित्सक को दिखाने के लिए इधर- उधर भटकना पड़ता है। अस्थि रोगी मेडिसिन या फिर अन्य किसी बीमारी का मरीज दूसरे विभाग में चला जाता है। ऐसे में मरीजों को दिक्कत हो रही थी। वह इधर- उधर लोगों से पूछते हुए चिकित्सक के पास पहुंच पाते थे, लेकिन अब ऐसे मरीजों को कॉलेज में भटकना नहीं पड़ेगा।
इसके लिए कॉलेज की प्राचार्य ने गेट पर ही बोर्ड लगाया है। जहां मेडिकल में क्या- क्या सेवाएं हैं। किस कक्ष में कौन की बीमारी के चिकित्सक बैठ रहे हैं। एक्स-रे किस कक्ष में होंगे आदि अंकित कराया है। इससे मरीज आसानी से चिकित्सक के पास दिखाने को पहुंच जाएगा। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने बताया कि कॉलेज में सेवाओं का बोर्ड बनता है, वो बनवाया गया है। इससे मरीजों को सहूलियत भी मिलेगी।