एटा। डीएपी की पहले से ही किल्लत चल रही है। बारिश ने मुसीबत और बढ़ा दी है। जैसे-तैसे डीएपी मिली तो किसानों ने बुवाई कर दी, लेकिन बरसात की वजह से बुवाई बर्बाद हो गई। अब दोबारा बुवाई के लिए फिर डीएपी खरीद रहे हैं जिसकी वजह से बुवाई की लागत और मेहनत दोगुनी हो रही है।
जिले में रविवार और सोमवार को हुई झमाझम बारिश ने किसानों को मुश्किल हालातों में पहुंचा दिया है। एक तरफ बाजरा व धान की खेती प्रभावित हुई है। तो दूसरी ओर आलू व सरसों की बुवाई करने वाले किसानों के लिए समस्या खड़ी हो गई है। दरअसल, आलू की बुवाई के दौरान किसानों ने अपने खेत में डीएपी लगाई लेकिन बारिश होने की वजह से खेतों में पानी भर गया। अब किसान दोबारा से डीएपी खरीद कर आलू व सरसों की बुवाई करनी पड़ रही है।
जिले में पहुंची 1600 मीट्रिक टन डीएपी
जिला कृषि अधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि शुक्रवार को जिले में 1600 मीट्रिक टन डीएपी पहुंच चुकी है। किसानों को समय से डीएपी उपलब्ध होगी। अगर किसी किसान को दिक्कत हो रही है तो वह कृषि कार्यालय में संपर्क कर सकता है।