एटा। सघन मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण अभियान 4.0 की शुरूआत सोमवार को होने जा रही है, जो सात दिन चलेगा। इसको लेकर रविवार को सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने कार्यालय में पत्रकारों से कहा कि जो बच्चे नियमित टीकाकरण से छूट जाते हैं उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। जिसकी वजह से वह जल्दी-जल्दी बीमार पड़ते हैं। बच्चों व गर्भवतियों का टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है।
सीएमओ ने बताया कि सात बीमारियों से बचाने के टीके जन्म से दो वर्ष तक के बच्चों को लगाए जाते हैं। इस विशेष अभियान में 18025 बच्चे और 5757 महिलाएं चिह्नित की गईं हैं। ये नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। बताया कि टिटनेस का टीका न लगवाने वाली महिलाओं के बच्चे को भविष्य में टिटनेस हो होता है तो उसकी मौत हो सकती है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रामसिंह ने बताया कि इंद्रधनुष अभियान तीन चरणों में चलेगा।
पहला चरण सात मार्च से, दूसरा चार अप्रैल और तीसरा चरण दो मई से चलेगा। टीकाकरण चक्र 28 दिन बाद होता है। इसलिए तीनों चरणों में 28 दिनों का अंतर रखा गया है। अभियान की सफलता के लिए धर्मगुरुओं के साथ भी बैठक हो चुकी है। 20 मार्च से पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान भी चलाया जाएगा। इस मौके पर यूनीसेफ के डीएमसी आलोक वर्मा, डब्ल्यूएचओ से डॉ. हार्दिक कंजारिया, यूएनडीपी प्रवीन त्रिवेदी, अभिषेक शुक्ला आदि भी मौजूद रहे।
इन बीमारियों के लगेंगे टीके
सीएमओ ने बताया कि शून्य से दो वर्ष तक के बच्चों को टीबी, काली खांसी, गला घोंटू, टिटनिस, पोलियो, जानलेवा निमोनिया, पीलिया, जानलेवा दस्त, खसरा, रूबैला, रतोंधी जैसी बीमारियों से सुरक्षा कवच दिया जाएगा। जब कि गर्भवती महिलाओं को रुबेला व टिटनेस के टीका लगाए जाएंगे।