एटा। पिछले दिनों अधिक वर्षा से ईशन नदी में उफान आने से तीन मोहल्लों में जलभराव होने पर प्रशासन व नगर पालिका की ओर से हटवाए गए अतिक्रमण के स्थान पर फिर से कब्जा होने लगा है। अब खतरा कम हुआ तो प्रशासन ने फिर से आंखें मूंद ली हैं।
ईशन नदी में जुलाई में बरसात के दौरान बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। श्याम बिहार कॉलोनी, संजय नगर और वर्मा नगर में जलभराव हो गया। इस कारण इन मोहल्लों का शहर से संपर्क ही टूट गया। मकानों की दीवारों में दरारें होने लगीं और उनके ढहने का खतरा बन गया। समस्या के समाधान के लिए प्रशासन और नगर पालिका ने ईशन नदी की नापतौल कराई। इसमें करीब आठ मीटर तक अवैध कब्जे पाए गए। बहाव दुरुस्त रखने के लिए कुछ अवैध निर्माणों को तोड़ दिया। कुछ निर्माण स्वामियों को नोटिस दिए गए।
कुछ दिनों में नदी का जलस्तर सामान्य हो गया और मोहल्लों से भी पानी निकल गया। इसके बाद शेष अवैध निर्माणों को जीवनदान मिल गया। वहीं जिन निर्माणों को ध्वस्त कराया गया, वहां फिर अवैध कब्जे कर निर्माण करा लिए गए हैं। इसे लेकर वनगांव निवासी आरटीआई कार्यकर्ता रबीश गोला ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। इसमें सिंचाई विभाग की संलिप्तता के भी आरोप लगाए हैं।
कहीं अवैैध रूप से कब्जा कर निर्माण किया जा रहा है तो संबंधितों पर कार्रवाई करते हुए निर्माण ध्वस्त कराया जाएगा।
- विवेक कुमार मिश्र, एडीएम प्रशासन