एटा। थाना अवागढ़ में तैनात एक होमगार्ड ने शुक्रवार को ड्यूटी के दौरान पुलिस चौकी के अंदर ही तमंचे से गोली मारकर जान दे दी। पुलिस के अनुसार होमगार्ड पर काफी कर्ज था, जिसके कारण वह अक्सर परेशान रहते थे। 15 दिन पूर्व ह्रदयाघात आने पर पुलिसकर्मियों ने उपचार कराया था। हालांकि, मृतक के चाचा ने हत्या का आरोप लगाया है।
गांव गदेसरा निवासी महीपाल सिंह ने बताया कि भतीजा सर्वेंद्र पाल होमगार्ड की नौकरी करता था। वह बृहस्पतिवार की रात को ड्यूटी करने पुलिस चौकी पोंडरी गया था। शुक्रवार की सुबह सूचना मिली कि चौकी के अंदर ही सर्वेंद्र ने गोली मारकर जान दे दी है। गोली सिर में लगने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शव के पास से एक तमंचा भी मिला है।
थाना प्रभारी अखिलेश दीक्षित ने बताया कि प्रतिदिन की तरह शुक्रवार सुबह 4 से दोपहर 12 बजे तक इनकी ड्यूटी थी। सुबह लगभग 6 बजे जब चौकी प्रभारी महेंद्र प्रताप शौच क्रिया के लिए चले गए और वहां तैनात सिपाही चंद्रवीर पैरोकार को कागज देने थाने आ गया। उसी समय सर्वेंद्र ने तमंचे से गोली मारकर जान दे दी।
बताया कि होमगार्ड पर लगभग 7 लाख रुपये का कर्ज था। इसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहता था। लगभग 15 दिन पूर्व सर्वेंद्र को ह्रदयाघात आया था। तब पुलिसकर्मी अस्पताल लेकर गए और जान बचाई। वहीं चाचा महीपाल सिंह ने अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। दो भाइयों में सर्वेद्र छोटा था, बड़े भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। इनके एक बेटा और एक बेटी है।
बड़ा सवाल चौकी के अंदर कैसे पहुंचा तमंचा
सबसे बड़ा सवाल यह है कि चौकी के अंदर तमंचा कैसे पहुंचा.? चाचा महीपाल सिंह के अनुसार अगर भतीजा आत्महत्या करता तो कहीं भी कर सकता था। चौकी के अंदर तमंचा ले जाकर गोली मारकर जान नहीं देता। मामले में थाना प्रभारी का कहना है कि होमगार्ड और साथी होने के कारण किसी प्रकार की तलाशी नहीं ली गई। चाचा की ओर से लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।
वर्जन-
होमगार्ड कर्ज की वजह से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था, शुक्रवार को कर्जदारों के नाम खेत का बैनामा भी करने वाला था। चौकी के अंदर तमंचा ले जाकर गोली मारकर जान देने के मामले की जांच की जा रही है। -ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, सीओ जलेसर