सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सभागार में आयोजित हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। शुभारंभ मां शारदे के समक्ष द्वीप प्रज्वलित कर किया गया।
छात्रा कु.नीति ने हिंदी-हिंदी-हिंदी, भारत के माथे की बिंदी गीत प्रस्तुत किया। छात्र हर्षित ने कहा ममता का अहसास है हिंदी, हम सबका विश्वास है हिंदी। छात्र उत्कर्ष, नितिन शर्मा एवं सोनाली अग्रवाल ने भी रचनाएं प्रस्तुत कीं। उप प्रधानाचार्य प्रेमचंद्र ने मातृभाषा का महत्व बताते हुए कहा कि हिंदी जीवन जीने की एक शैली है। वह देश का प्राण है। अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य शंभू शरण मिश्र ने कहा कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक पहचान है। संचालन छात्रा अंजलि ने किया।
हिंदी दिवस पर हुई बौद्धि प्रतियोगिता
एटा। भारती नगर स्थित केशव सरस्वती शिशु मंदिर में हिंदी दिवस के मौके पर बौद्धिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षकों के साथ-साथ छात्र-छात्राओं ने हिंदी भाषा पर अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि उमेशचंद्र सक्सेना ने कहा कि हिंदी वैज्ञानिक परिष्कृत भाषा है। यह प्रतियोगिता बच्चों के विकास में सहायक बनेगी। प्रधानाचार्य ज्ञान सिंह वर्मा व मनवीर सिंह ने हिंदी को राष्ट्रभाषा के साथ-साथ अंर्तराष्ट्रीय भाषा बनाने के लिए समाज के प्रबुद्ध वर्ग से आह्वान किया। प्रधानाचार्य ने जानकारी दी कि गीत प्रतियोगिता में स्नेहा प्रथम, करिश्मा द्वितीय स्थान पर रहीं। भाषण प्रतियोगिता में प्रशांत प्रथम एवं सक्षम द्वितीय स्थान पर रहीं। विद्यालय के अध्यक्ष आशुतोष मिश्र एवं व्यवस्थापक वीरेंद्र वार्ष्णेय ने प्रतियोगिता में विजयी रहे छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस मौके पर आचार्य रूप किशोर, रामेश्वर, प्रमोद, रवीश आदि लोग मौजूद थे।