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शिक्षामित्रों ने किया विरोध प्रदर्शन, मांगी इच्छामृत्यु

Mon, 14 Sep 2015 05:43 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने प्रभु पार्क पर बैठक कर हाईकोर्ट के फैसले को एक तरफा बताया। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा।  
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प्रदेश उपाध्यक्ष तेजभान सिंह ने कहा कि शिक्षामित्र धैर्य रखें। प्रदेश सरकार उनके साथ है। ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे परिवार, विभाग या संगठन को क्षति पहुंचे। जिलाध्यक्ष नौकम वर्मा ने कहा कि जिले  के 1300 शिक्षामित्रों ने न्याय न मिलने पर इच्छामृत्यु की अनुमति देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार के समर्थन से संगठन की सुप्रीम कोर्ट में अपनी लड़ाई मजबूती से लड़ेगा। इस मौके पर श्यामसिंह, पवन कुमार, राजेश कुमारी, भंवरपाल, वीरेंद्र कुमार, राधेश्याम, आरिफ, नरेश मौर्य, अवनीश, अशोक, मुकेशपाल, सत्यवीर, फौजिया सुल्ताना, दिनेश पंडित मौजूद रहे।

1300 शिक्षामित्रों के लिए रोजी रोटी का संकट
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सोमवार को स्कूलों में कार्य बहिष्कार किया। महामंत्री मनोज कुमार ने कहा कि कोर्ट के इस निर्णय से शिक्षामित्रों का भविष्य अंधकार में है। 1300 शिक्षामित्र से शिक्षक बने शिक्षामित्र से फिर से नौकरी से हट गए। इस मौके पर अशोक कुमार, रामनरेश, चरनसिंह, भंवर सिंह, श्याम सिंह, शालिनी शर्मा, ममता राज, विजय लक्ष्मी, अनुराधा आदि मौजूद रहे।
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‘शिक्षामित्र आत्महत्या करने को मजबूर’   
सहावर। उत्तर प्रदेश शिक्षक कल्याण समिति ने एसडीएम को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामित्र आत्महत्या को मजबूर हैं। शिक्षामित्रों को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में सुधीर कुमार, प्रमोद कुमार, अभिषेक कुमार, कफी अहमद, विजेंद्र कुमार, शिवप्रताप ङ्क्षसह, प्रेमचंद्र, उमेशचंद आदि मौजूद रहे। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की मंजू सोलंकी के आवास पर हुई बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष इंद्र कुमार ने कहा कि संगठन शिक्षामित्रों के साथ है। जिला संयुक्त मंत्री राकेश राजपूत ने कहा कि शिक्षामित्र तनाव में कोई गलत कदम न उठाएं। आनंद शर्मा, वीर प्रताप ङ्क्षसह, लखपति सिंह, संजय गुप्ता, नेकसूराम, वरुण चौहान, अंकित चौहान, योगेश यादव, राकेश गुप्ता, अतुल कुमार आदि ने कोर्ट के फैसले को गलत बताया।

शिक्षामित्रों ने किया कार्य बहिष्कार
सोरों। शिक्षामित्रों ने सोमवार से कार्य का बहिष्कार कर फैसले का विरोध किया। सहावर गेट पर बैठक में मुकेश मौर्य ने कहा कि हमने 15 सालों से अथक मेहनत करके तथा बेसिक शिक्षा सेवा नियमावली के अनुसार दो वर्ष का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करके सहायक अध्यापक का दर्जा हासिल किया था। जिसे हाईकोर्ट ने एक झटके में ही समाप्त कर दिया। इस मौके पर रजनी गौड़, जयश्री, रामकिशोर, नागेंद्र शर्मा, इरफान, साबिर, कोमल शाक्य, नीलम, जितेंद्र दीक्षित, चंद्रवती, सर्वेश आदि मौजूद रहे।
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