एटा। मिरहची क्षेत्र में पक्की हजारा नहर पशुओं के लिए जानलेवा बन गई है। कई पशु इसमें गिरकर मर चुके हैं। बुधवार को नीलगायों का झुंड इसमें बहता नजर आया। प्रयास पर एक नीलगाय को ही बचाया जा सका।
गांव सिरसा टिप्पू के पास हजारा नहर के किनारों को पक्का कर दिया गया है। बुधवार को इसमें 12 से अधिक नीलगायों का झुंड किसी तरह उतर गया। पानी का बहाव तेज़ होने के कारण ये बाहर नहीं निकल सके और पानी में बहने लगे। क्षेत्रीय लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग से लेकर खंड विकास अधिकारी तक दी, लेकिन सभी ने मामला एक-दूसरे पर टाल दिया। वहां पहुंचे राष्ट्रीय गोरक्षा वाहिनी के जिलाध्यक्ष सोनू शर्मा ने अपनी टीम के साथ बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन पानी का वहाब तेज होने की वजह से एक मादा नीलगाय को ही वह बाहर निकालने में कामयाब हो पाए। शेष नीलगाय सरनऊ की तरफ बहती हुई चली गई। बचाव टीम में अनुराग वशिष्ठ, नीरू यादव, मुनेश कुमार, विजय कुमार अर्जुन बघेल आदि मौजूद रहे।