एटा। जसरथपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने आसाम का फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र बनवा लिया। इसके आधार पर राज्य के आरक्षण के तहत केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में नौकरी हासिल कर ली। सत्यापन के दौरान पोल खुली तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया है। साथ ही जसरथपुर थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
मध्य प्रदेश के जिला खरगोन में थाना बड़वाह में इस थाने के उपनिरीक्षक पदम सिंह मौर्य ने निल पर मुकदमा दर्ज कराया। जिसे स्थानांतरित कर थाना जसरथपुर भेजा गया है। बताया कि सीआईएसएफ आरटीसी कार्यालय के कार्यपालक निरीक्षक अंजनी कुमार वाजपेयी का पत्र 29 जनवरी को प्राप्त हुआ। बताया गया कि उनके बल में आरक्षक अंशुल कुमार को सीआईएसएफ में 23 अगस्त 2023 को नियुक्ति पत्र जारी किया गया। जिसमें बड़वाह तैनाती दी गई। उसे दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में र खा गया था। उसके द्वारा गांव होजाई बस्ती जिला वेस्ट कारबी एंगलोंग आसाम का निवास प्रमाण पत्र दाखिल किया गया था। संबंधित राज्य का मूल निवासी ही उस राज्य की सीट के लिए आवेदन कर सकता था। इस आधार पर उसे नियुक्ति मिल गई।
जब मूल निवास प्रमाण पत्र का सत्यापन किया गया तो वो फर्जी निकला। जांच के बाद उसकी सेवा समाप्त कर दी गई। अब फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर उसके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। सीओ अलीगंज शुधांशु शेखर ने बताया कि आरोपी अंशुल मूल रूप से जसरथपुर थाना क्षेत्र के गांव अशोक नगर गडरिया का रहने वाला है। निल पर आई रिपोर्ट को यहां पंजीकृत कर विवेचना शुरू करा दी गई है।