शहर में संचालित एक आरामशीन।संवाद
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एटा। वन विभाग की सांठगांठ से गोलमाल चल रहा है। आरामशीन संचालन के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। जिन्हें पूरा करके ही आरामशीन का संचालन किया जा सकता है, लेकिन नियमों को ताक पर रख जिला मुख्यालय पर 20 मशीनें चलाई जा रही हैं, जिनके लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं है।
शहर के अलीगंज मार्ग, किदवई नगर मार्ग, जीटी रोड आदि इलाकों में 20 आरा मशीनें संचालित हैं। इन मशीनों का पिछले दो साल से नवीनीकरण नहीं हुआ है। जबकि विभागीय नियमों के मुताबिक हर साल नवीनीकरण नहीं होना चाहिए। किदवई नगर स्थित एक आरामशीन संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शहर में चल रही किसी भी आरामशीनों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया गया है। यहां तक उसने खुद की आरामशीन के लाइसेंस नवीनीकरण न होने की बात कही। वहीं यह भी बताया कि एक आरामशीन तो गलत पते पर अवैध रूप से चलाई जा रही है। पंजीकरण किसी अन्य जगह का है और संचालन किसी दूसरे स्थान पर किया जा रहा है।
ये हो सकती है कार्रवाई
लाइसेंस के बिना नवीनीकरण आरामशीन संचालन पर कार्रवाई तय की गई है। वन अधिनियम के तहत विभाग ऐसी मशीन को बंद करा सकता है। वहीं लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
नवीनीकरण के लिए कर दी गई है फीस जमा
वन विभाग के वन विद राजेश कुमार चक ने बताया कि शहर में छह मशीन संचालक ऐसे हैं जिनके अभी तक लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन नहीं आए हैं। वहीं शेष 14 संचालकों के लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन आ चुके हैं। जिनकी नवीनीकरण प्रक्रिया चल रही है।